रांची : राजधानी रांची में दुर्गा पूजा के समापन के बाद बुधवार को मां दुर्गा की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। पूजा समितियों ने मां की खोइंछा भराई की रस्म पूरी करने के बाद प्रतिमाओं को वाहनों पर सजाकर विसर्जन शोभायात्रा निकाली। दोपहर दो बजे से शहर के अलग-अलग इलाकों में गाजे-बाजे के साथ शोभायात्राएं निकलनी शुरू हो गईं। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा को विदाई देने के लिए उत्साहित नजर आए।
शहर के करीब 176 पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाओं का विसर्जन 18 तालाबों में किया जाएगा। इसके लिए रांची नगर निगम और जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
बड़ा तालाब समेत 18 तालाबों में विसर्जन की व्यवस्था
प्रतिमा विसर्जन के लिए बड़ा तालाब, चडरी तालाब, अरगोड़ा तालाब, चुटिया तालाब और जेल तालाब समेत शहर के 18 तालाबों को तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी निर्धारित तालाबों में बैरिकेडिंग की गई है।
नगर निगम ने तालाबों में बांस लगाकर घेराबंदी की है, ताकि विसर्जन के दौरान लोग गहरे पानी में न जा सकें। इसके अलावा शाम और रात में विसर्जन के लिए प्रकाश की भी व्यवस्था की गई है।
प्रतिमाओं और पूजा सामग्री के लिए अलग-अलग कुंड
तालाबों को साफ रखने के लिए नगर निगम ने अलग-अलग विसर्जन कुंड बनाए हैं। पूजा पंडालों की बड़ी प्रतिमाओं के लिए अलग व्यवस्था की गई है। वहीं घरों में स्थापित छोटी प्रतिमाओं और पूजा सामग्री के लिए अलग कुंड तैयार किए गए हैं।
शहर की कई पूजा समितियों ने मंगलवार को ही मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया था। वहीं बाकी समितियां बुधवार को प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगी।
रामलला दुर्गा पूजा समिति ने की खास पहल
रांची की रामलला दुर्गा पूजा समिति इस बार पहली बार जिला स्कूल परिसर में बनाए गए विशेष कुंड में प्रतिमा विसर्जन करेगी। समिति ने तालाबों को साफ और स्वच्छ रखने के उद्देश्य से खुद विसर्जन कुंड बनाया है। यहां रात करीब आठ बजे विसर्जन किया जाएगा। हालांकि, मुख्य प्रतिमा का विसर्जन तालाब में ही होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
विसर्जन के दौरान किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। नगर निगम ने 18 तालाबों में 18 सुपरवाइजरों की तैनाती की है। साथ ही सफाई कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
वहीं आपात स्थिति से निपटने के लिए तालाबों पर तैराकों और एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की गई है।




