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सहकारिता विभाग का एक्शन मोड, पैक्स से गोदाम तक काम तेज करने का अल्टीमेटम

बिहार सहकारिता विभाग ने पैक्स कम्प्यूटरीकरण, गोदाम निर्माण और बिहार राज्य फसल सहायता योजना की प्रगति की समीक्षा की। निबंधक रजनीश कुमार सिंह ने धीमी प्रगति वाले जिलों को लंबित काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।

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Patna: सहकारिता विभाग, बिहार सरकार के निबंधक, सहयोग समितियां  रजनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय सहकारिता पदाधिकारियों और सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

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इस बैठक में पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना, गोदाम निर्माण, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना और नेशनल को-ऑपरेटिव डेटाबेस के तहत पैक्सों की जियोटैगिंग की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

पैक्स कम्प्यूटरीकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन और चेतावनी

पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना की समीक्षा के दौरान कैमूर, समस्तीपुर और रोहतास जिलों के बेहतर प्रदर्शन की विशेष सराहना की गई, जिन्होंने सर्वाधिक आंकड़ों की प्रविष्टि कर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वहीं, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पटना, खगड़िया और सीतामढ़ी जिलों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। निबंधक ने इन जिलों के पदाधिकारियों को आंकड़ों की प्रविष्टि में तेजी लाने के निर्देश देते हुए विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

गोदाम निर्माण और फसल सहायता योजना पर निर्देश

गोदाम निर्माण: निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबित कार्यों को जल्द पूरा किया जा सके।

फसल सहायता योजना: खरीफ 2024-25 के तहत पश्चिम चंपारण में आवेदनों के सत्यापन कार्य को शीघ्र पूरा करने को कहा गया है। वहीं, रबी 2024-25 के अंतर्गत पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, रोहतास और औरंगाबाद जिलों में सुस्त प्रगति पर असंतोष जताते हुए शेष कार्यों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।

अन्न भंडारण योजना: राज्य के विभिन्न जिलों में 1000 मीट्रिक टन से अधिक क्षमता वाले 36 बड़े गोदामों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए नवादा और बेगूसराय जिलों को भूमि की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जियोटैगिंग और डेटाबेस कार्य

नेशनल को-ऑपरेटिव डेटाबेस के तहत सभी प्रकार की क्रियाशील समितियों की जियोटैगिंग की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्र के पैक्सों की जियोटैगिंग का कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में अपर निबंधक विकास कुमार बरियार, मनोज कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, समरेष कुमार और संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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