Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और देश के दिग्गज दलित नेता स्वर्गीय रामविलास पासवान को उनकी छठवीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले रामविलास पासवान को जिस तरह का असीम मान-सम्मान बिहार की धरती पर मिला, ठीक वैसा ही पूरा सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा।
इस गरिमामयी श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे चिराग पासवान तथा यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
“उनकी कमी खलती है, लेकिन उनके मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं चिराग”
मुख्यमंत्री योगी ने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि आज रामविलास जी हमारे बीच नहीं हैं, जिसकी कमी देश और राजनीति को हमेशा खलेगी। हालांकि, इस बात का गहरा सुकून है कि उनके बेटे चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर अपने पिता के राजनीतिक और सामाजिक मिशन को पूरी निष्ठा और ताकत के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
50 साल पहले बिहार से उभरी थी वंचितों की सबसे मजबूत आवाज
रामविलास पासवान के राजनीतिक सफर को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि करीब 50 दशक पहले बिहार की माटी से एक युवा नेता के रूप में उनका उदय हुआ था। वे आजीवन समाज के दलितों, शोषितों और वंचितों के हक की सबसे प्रखर और बेबाक आवाज बने रहे। बिहार की महान जनता ने उन पर हमेशा अटूट भरोसा जताया और रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाकर संसद में भेजा।
उन्होंने कहा कि रामविलास जी ने अपनी राजनीति को कभी भी केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं रखा। उनका मुख्य उद्देश्य समाज में वैचारिक चेतना जगाना और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का एक समतामूलक भारत बनाना था। वे जीवनभर जो कहते रहे, अपने कृतित्व से उसे साबित करके दिखाया।
पूर्व पीएम अटल जी से लेकर मोदी कैबिनेट तक हर दिल को छू लिया था उनका व्यवहार
संसद और सरकार के साथ काम करने के लंबे अनुभवों को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उन्हें रामविलास जी के साथ काफी समय बिताने का अवसर मिला। उनके मन में देश की गौरवशाली परंपराओं के लिए जितना आदर था, उतनी ही छटपटाहट इस बात को लेकर रहती थी कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बराबरी का हक मिले।
उनके मिलनसार और सहज स्वभाव की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि चाहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कार्यकाल रहा हो या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्रिमंडल, चुनावी मंच हों या संसद का गलियारा—उनका अपनत्व, आत्मीयता और सादगी हमेशा हर किसी का दिल जीत लेती थी।




