Patna: गन्ने की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बिहार के 40 किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक सिखाई जाएगी। गन्ना उद्योग विभाग के वित्तीय वर्ष 2026-27 के गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम के तहत किसानों का दल राज्य से बाहर प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट के लिए लखनऊ रवाना हुआ है। किसान भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
40 किसान सीखेंगे गन्ने की नई तकनीक
तिरुपति चीनी मिल, हरिनगर चीनी मिल और लौरिया चीनी मिल के क्षेत्रों से कुल 40 किसानों का चयन किया गया है। लखनऊ में उन्हें गन्ने की उन्नत खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर उत्पादन और खेती में नई तकनीकों के इस्तेमाल की जानकारी विशेषज्ञों से मिलेगी।
प्रशिक्षण का मकसद किसानों को गन्ना उत्पादन की नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना और उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। इस दौरान किसान गन्ने की उन्नत प्रजातियों, वैज्ञानिक खेती, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने से जुड़े तरीकों की जानकारी लेंगे।
किसानों को खेत में तकनीक अपनाने की सलाह
बीते रविवार को सहायक निदेशक ईख विकास, बगहा अभय कुमार शर्मा और सहायक महाप्रबंधक गन्ना एनपी सिंह ने ट्रेन से किसानों के दल को लखनऊ के लिए रवाना किया। अधिकारियों ने किसानों से प्रशिक्षण का अधिक से अधिक लाभ लेने और वहां मिली तकनीकी जानकारी को अपने खेतों में अपनाने की अपील की।
चीनी मिलों को गन्ने की लगातार सप्लाई पर जोर
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से किसानों को आधुनिक गन्ना उत्पादन की तकनीकों की जानकारी मिलेगी। इससे बेहतर कृषि प्रबंधन के जरिए गन्ने की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
बिहार सरकार राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की कवायद में जुटी है। रयैम, दरभंगा और सकरी, मधुबनी में चीनी मिल स्थापित करने को लेकर अलग-अलग निजी कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुका है। बाकी प्रस्तावित चीनी मिलों को स्थापित करने के लिए भी प्रयास चल रहे हैं। वहीं, राज्य में फिलहाल 10 चीनी मिलें पूरी तरह कार्यरत हैं।
नई और मौजूदा चीनी मिलों को गन्ने की लगातार सप्लाई मिलती रहे, इसके लिए किसानों को आधुनिक खेती की ट्रेनिंग दी जा रही है। विभाग का जोर गन्ने का उत्पादन बढ़ाने पर है, ताकि चीनी मिलों को पेराई के समय गन्ने की कमी का सामना न करना पड़े।





