रांची: MMDR एक्ट को लेकर झारखंड सरकार अब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। सरकार इस एक्ट के खिलाफ विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजना चाहती है। विशेष सत्र कब होगा, इसका फैसला 7 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि MMDR एक्ट लागू होने के बाद राज्य को खनिजों पर सेस वसूलने में परेशानी होगी। इससे झारखंड को हर साल करीब 14 से 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है। सरकार के अनुसार, राजस्व में कमी का असर राज्य के विकास कार्यों पर पड़ेगा।
विधानसभा से प्रस्ताव पास कराने की तैयारी
सरकार विशेष सत्र में MMDR एक्ट के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव विधानसभा से पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। सरकार की मांग होगी कि एक्ट को खत्म किया जाए।
सत्ता पक्ष का मानना है कि इस मुद्दे पर विपक्ष के लिए भी स्थिति मुश्किल हो सकती है। अगर विपक्ष प्रस्ताव का विरोध करता है तो सरकार इसे झारखंड के आर्थिक हितों के खिलाफ बता सकती है।
भाजपा एक्ट के समर्थन में
MMDR एक्ट को लेकर झारखंड में राजनीतिक विवाद भी जारी है। कांग्रेस और झामुमो इस एक्ट के खिलाफ हैं, जबकि भाजपा इसे राज्य के हित में बता रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि एक्ट लागू होने से खनिजों की चोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर पहले ही कह चुके हैं कि एक्ट के कारण राज्य के बजट पर दबाव बढ़ा है और सरकार को फंड की समस्या हो सकती है। उनका कहना है कि या तो एक्ट को खत्म किया जाए या फिर राज्य को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई की जाए।




