Patna: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री और बिहार हॉकी संघ के अध्यक्ष श्रवण कुमार ने दोनों टीमों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि एशियन गेम्स में पहली बार भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों का एक साथ स्वर्ण पदक जीतना भारतीय हॉकी के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता को खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और टीम भावना का परिणाम बताया।
महिला टीम ने 44 साल बाद जीता स्वर्ण
भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से हराकर 44 वर्षों बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत में लालरेम्सियामी के गोल और गोलकीपर सविता पूनिया के शानदार बचाव की अहम भूमिका रही।
पुरुष टीम ने मलेशिया को हराया
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल में शानदार खेल दिखाते हुए मलेशिया को 5-1 से पराजित किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से भारत का खाता खोला। जीत के साथ भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स हॉकी का स्वर्ण पदक हासिल किया और एलए 2028 ओलंपिक के लिए सीधा स्थान भी सुनिश्चित किया।
ओलंपिक गोल्ड पर अब नजर
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि दोनों टीमों की सफलता देश के उन लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो हॉकी को अपना सपना बनाकर मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और हॉकी इंडिया को बधाई देते हुए कहा कि अब नजरें ओलंपिक के स्वर्ण पदक पर हैं।
भारतीय हॉकी के लिए नई उम्मीद
एशियन गेम्स में पुरुष और महिला टीमों का एक साथ स्वर्ण जीतना भारतीय हॉकी के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इस उपलब्धि से देश में हॉकी के भविष्य को लेकर नई उम्मीद और युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह पैदा हुआ है।




