Career Adda: देश-विदेश में युवाओं के बीच म्यूजिक बैंड बनाने और लाइव परफॉर्म करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय स्तर पर ऐसे सैकड़ों बैंड तैयार हो रहे हैं, जहां वोकल आर्टिस्ट (गायक) और इंस्ट्रुमेंटल आर्टिस्ट (वाद्ययंत्र वादक) एक साथ मंच साझा करते हैं। पहले आम धारणा यह थी कि संगीत को आजीविका का जरिया बनाने पर करियर के विकल्प बेहद सीमित रह जाते हैं। हालांकि, आज के डिजिटल और एंटरटेनमेंट दौर में यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। पारंपरिक गायन से आगे बढ़कर अब म्यूजिक प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में कई नए रास्ते खुल गए हैं।
म्यूजिक सॉफ्टवेयर और स्टूडियो प्रोडक्शन की मांग
म्यूजिक इंडस्ट्री में आज तकनीकी जानकारों की भारी मांग है। इसमें म्यूजिक सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर, कंपोजर, सेशन म्यूजिशियन, म्यूजिक बुक्स पब्लिशिंग, म्यूजिक एल्बम रिकॉर्डिंग, म्यूजिक डीलर और हाई-टेक स्टूडियो प्रबंधन जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा टेलीविजन और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में साउंड रिकॉर्डिस्ट, म्यूजिक एडिटर, आरजे, डीजे और म्यूजिक लाइसेंसिंग स्पेशलिस्ट जैसे पदों पर प्रशिक्षित लोगों के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। लाइव स्टेज परफॉर्मेंस के तहत टीवी शोज, म्यूजिक कॉम्पिटिशन, सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा, रॉक व जैज ग्रुप्स और बड़े कॉन्सर्ट्स में भी आर्टिस्ट्स की पूछ बनी हुई है।
म्यूजिक थेरेपिस्ट बनकर अस्पतालों में संभावनाएं
मानसिक तनाव और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के उपचार में संगीत एक प्रमुख पद्धति बनकर उभरा है। इस क्षेत्र में ‘म्यूजिक थेरेपिस्ट’ के तौर पर काम करने के लिए संगीत के साथ-साथ मनोविज्ञान और थेरेपी की गहरी समझ जरूरी होती है। प्रशिक्षित म्यूजिक थेरेपिस्ट्स के लिए अस्पतालों, मेंटल हेल्थ सेंटर्स, रिहैबिलिटेशन सेंटर्स और नर्सिंग होम्स में रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
स्टूडियो टीचिंग और वर्चुअल रियलिटी साउंड में भविष्य
शैक्षणिक क्षेत्र में भी स्पेशलाइज्ड म्यूजिक टीचर्स की मांग बढ़ी है। स्कूलों और संगीत महाविद्यालयों में अब म्यूजिक थ्योरी, म्यूजिक हिस्ट्री, म्यूजिकोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक और कंपोजिशन पढ़ाने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत होती है। इसके अलावा फिल्म उद्योग, चर्च म्यूजिशियन, म्यूजिक लाइब्रेरियन, म्यूजिक अरेंजिंग और गेमिंग के दौर में वर्चुअल रियलिटी (VR) साउंड एनवायरनमेंट जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवा अपना भविष्य संवार सकते हैं।




