Dubai, (UAE): दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की बोइंग 737 उड़ान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय सह-पायलट स्मित मच्छार की हालत अब स्थिर है। साथी पायलट के जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर ताबुक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा में भारतीय वाणिज्य दूतावास की टीमें लगातार उनकी सेहत और इलाज पर निगरानी रख रही हैं। गुजरात के रहने वाले स्मित के माता-पिता भी बेटे से मिलने के लिए सऊदी अरब पहुंच रहे हैं।
ताबुक अस्पताल में चल रहा इलाज, हालत खतरे से बाहर
सऊदी अरब में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशन के अनुसार, पायलट स्मित मच्छार को ताबुक के अस्पताल में सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। दूतावास के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी स्थिति अब नियंत्रण में और स्थिर बनी हुई है। राजनयिकों ने उनके परिवार से सीधा संपर्क साधा है और डॉक्टरों के पैनल से मिलने वाली हर मेडिकल रिपोर्ट परिजनों के साथ साझा की जा रही है। अस्पताल प्रशासन भी उनकी रिकवरी पर विशेष ध्यान दे रहा है।
34,000 फीट पर चाकू से हमला और 34 सेकंड का खौफ
यह खौफनाक वारदात करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उस वक्त हुई, जब विमान को उड़े लगभग ढाई घंटे बीत चुके थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, दूसरे पायलट ने फ्लाइट को क्रैश कराने के इरादे से कैप्टन स्मित पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस खूनी झड़प के दौरान विमान महज 34 सेकंड के भीतर 33,000 फीट से लुढ़क कर 17,000 फीट पर आ गया था। इसी अफरातफरी के बीच विमान से 7500 कोड भेजा गया, जो हाईजैक या गैरकानूनी कब्जे का अंतरराष्ट्रीय संकेत है।
लहूलुहान होकर भी खोला दरवाजा, दुनिया भर में तारीफ
गंभीर रूप से लहुलूहान होने के बाद भी स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा किसी तरह अनलॉक कर दिया। दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद यात्रियों और क्रू ने फौरन कॉकपिट में घुसकर हमलावर पायलट को दबोच लिया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इस अदम्य साहस के चलते विमान में सवार 180 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू समेत दुनिया भर के नेताओं ने स्मित की सूझबूझ और जांबाजी की खुलकर तारीफ की है।




