Ranchi: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची में व्यापक विसंगतियों और कागजातों की बाध्यता को लेकर कांके में ग्रामीण मुस्लिम संगठन और आमया संगठन के नेतृत्व में एक विशाल ‘न्याय मार्च’ निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने कांके चौक से अंचल कार्यालय तक मार्च कर एक सभा आयोजित की और अंचल अधिकारी अमित भगत के माध्यम से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि SIR 2026 की अंतिम तिथि (30 सितंबर 2026) को कम से कम दो महीने के लिए बढ़ाया जाए। आमया अध्यक्ष एस अली ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम, पिता/पति के नाम व जन्म तिथि जैसी कई अशुद्धियां थीं, जिन्हें सुधारने के बजाय उसी आधार पर मैपिंग कर दी गई। अब प्रारूप सूची जारी होने के बाद लोगों को नोटिस तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन सुनवाई का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अशिक्षा और गरीबी के कारण लोगों के पास जन्म, शैक्षिक या जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अंचलों से खतियान आधारित वंशावली और पारिवारिक सूची का निर्माण भी समय पर नहीं हो पा रहा है। पूर्व जिला परिषद ऐनुल हक अंसारी ने कहा कि विस्थापन का दंश झेलने वाले ग्रामीणों से कठिन कागजात मांगना अनुचित है। वक्ताओं ने मांग की कि ग्राम सभा व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से दस्तावेज-विहीन नागरिकों की पहचान कर बिना किसी भेदभाव के मतदाता सूची में उनके नाम शामिल किए जाएं।
स्थानीय संवाददाता-मजीद आलम




