Patna: सरकार ने राज्य में उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने बुधवार को मुजफ्फरपुर और भागलपुर में स्थापित हो रहे दो विशिष्ट विश्वविद्यालयों के संचालन हेतु कुल 68 पदों के सृजन को स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के बाद मुजफ्फरपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय और भागलपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।
दोनों विश्वविद्यालयों में 34-34 पदों की मिली मंजूरी
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, दोनों विश्वविद्यालयों के लिए 34-34 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन स्वीकृत पदों में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और अकादमिक संचालन के लिए अनिवार्य कुलपति, डीन, कुलसचिव (रजिस्ट्रार), वित्त पदाधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, पुस्तकालयाध्यक्ष के साथ-साथ विभिन्न लिपिकीय और सहायक संवर्ग के पद शामिल हैं। इन पदों पर बहाली होने से दोनों संस्थानों के विधिवत संचालन और शैक्षणिक सत्रों को गति देने में मदद मिलेगी।
राज्य में ही मिलेगी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की शिक्षा
मंत्रिपरिषद के फैसले पर विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कंप्यूटर विज्ञान, वास्तुकला (Architecture) और सिविल इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए समर्पित संस्थान तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का मकसद सिर्फ डिग्री बांटना नहीं, बल्कि उच्च स्तरीय शोध, नवाचार और उद्योग-अकादमिक तालमेल का केंद्र विकसित करना है।
युवाओं को पलायन से मिलेगी राहत
मंत्री ने कहा कि बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं को अब आधुनिक और उन्नत तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार संस्थागत क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है, ताकि छात्रों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और कौशल विकास के अवसर मिल सकें। इन संस्थानों के प्रशासनिक ढांचे के सुदृढ़ होने से बिहार में तकनीकी शिक्षा और शोध गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।




