Ranchi: अक्सर देखा जाता है कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को अपनी ही पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स के लिए महीनों दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन रांची जिला प्रशासन ने इस पुरानी धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। 30 सितंबर 2026 को रांची समाहरणालय स्थित सभागार में ‘पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह’ का भावुक और गरिमामय आयोजन किया गया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस 21वें पेंशन दरबार में 6 शिक्षकों को उनके परिजनों की मौजूदगी में ससम्मान विदाई दी गई। सबसे खास बात यह रही कि सेवानिवृत्ति की तारीख को ही शिक्षकों को उनके सभी रिटायरमेंट बेनिफिट्स (देय लाभ) सौंप दिए गए।
जनवरी 2025 से जारी है सम्मान की यह परंपरा
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के मार्गदर्शन में रांची जिले में जनवरी 2025 से यह अनुकरणीय व्यवस्था लागू है। इसका मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को कागजी औपचारिकताओं के झंझट से बचाना और उन्हें जीवन भर की सेवा के बदले सम्मानजनक तरीके से विदाई देना है।
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री भजंत्री ने कहा, “शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं। वे न सिर्फ बच्चों को शिक्षा देते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और बेहतर भविष्य का निर्माण कर एक सशक्त समाज की नींव रखते हैं। ऐसे में वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले गुरुजनों को विदाई के दिन ही उनके सभी हक दिलाना जिला प्रशासन का कर्तव्य और सम्मान का विषय है।” उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्वास्थ्य का ध्यान रखने और जीवन की इस नई पारी को परिवार के साथ आनंदपूर्वक बिताने की शुभकामनाएं दीं।
इन 6 गुरुजनों को किया गया सम्मानित:
1. प्रदीप भगत – प्रधानाध्यापक, राजकीय मध्य विद्यालय, बुढ़मू
2. पोखराज प्रसाद सिन्हा – सहायक शिक्षक, उत्क्रमित उच्च विद्यालय उरुगुट्टू, काँके
3. पैशेंस तिर्की – सहायक शिक्षक, राजकीय मध्य विद्यालय बी.आई.टी. मेसरा, काँके
4. गीता कुमारी – सहायक शिक्षक, राजकीय मध्य विद्यालय सिमलिया, रातू
5. संगीता रानी – सहायक शिक्षक, राजकीय मध्य विद्यालय हेहल, रातू
6. नूर बाखला – सहायक शिक्षक, राजकीय मध्य विद्यालय हिन्दू यूनाइटेड, राँची-2
इस गरिमामय समारोह में जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) बादल राज समेत शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। रांची जिला प्रशासन की यह संवेदनशीलता और तत्परता पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन चुकी है।




