Patna: राज्य में तेजी से बढ़ते अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बगावती बयान के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चिराग ने कहा था कि उन्हें ऐसी व्यवस्था का समर्थन करने में शर्मिंदगी महसूस हो रही है। अब चिराग के इसी बयान को ढाल बनाकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेत्री रोहिणी आचार्य ने उन पर सीधा हमला बोला है। रोहिणी ने केंद्रीय मंत्री से कड़ा सवाल पूछते हुए कहा कि अगर उन्हें सरकार में इतनी ही शर्मिंदगी हो रही है, तो वे केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए किस शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं।
सत्ता की मलाई और आंसुओं पर उठाए सवाल
इस्तीफ़ा देने के लिए किस शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं चिराग पासवान जी ?
शर्म’ का बोझ उठा कर भी सत्ता का हिस्सा बने रहना कोई चिराग पासवान जी से सीखे , बहन – बेटियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से असुरक्षित हो चुके बिहार की वजह से जब सरकार का हिस्सा होने में उन्हें ‘शर्मिंदगी’… pic.twitter.com/kZrIRBYnaj
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) September 27, 2026
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने चिराग पासवान की राजनीतिक मंशा और नीयत पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि शर्म का भारी बोझ उठाकर भी सत्ता की मलाई खाते रहना कोई चिराग पासवान से सीखे। जब बिहार बहन-बेटियों के लिए पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है और चिराग को खुद सरकार का हिस्सा बने रहने में शर्मिंदगी का अहसास हो रहा है, तो फिर वे पद छोड़ने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहे हैं? रोहिणी ने चिराग पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ बयानों में झूठा दुख जताना और मगरमच्छ के आंसू बहाना उनका पुराना तरीका बन चुका है।
क्या इस्तीफा देने के लिए चाहिए एनओसी?
रोहिणी आचार्य ने चिराग पर तंज कसते हुए आगे लिखा कि जब सरकार के कामकाज से सब कुछ इतना असहनीय और शर्मनाक लग रहा है, तो फिर इस्तीफा पत्र पर दस्तखत करने में क्या हर्ज है। उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या चिराग पासवान इस्तीफा देने के लिए भी किसी से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलने का इंतजार कर रहे हैं? आरजेडी नेता ने साफ किया कि केवल बयानबाजी करके जनता की सहानुभूति बटोरने से जमीनी हकीकत नहीं बदलने वाली, चिराग को अपने शब्दों को अमल में लाकर दिखाना चाहिए।
पुलिस-प्रशासन को बताया था पूरी तरह निकम्मा
यह पूरा राजनीतिक बवाल चिराग पासवान के उस तल्ख बयान के बाद भड़का, जिसमें उन्होंने बिहार पुलिस और राज्य प्रशासनिक मशीनरी को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया था। चिराग ने दो टूक कहा था कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन पूरी तरह निकम्मा हो चुका है और अब अधिकारियों के बस में बिहार की आम जनता को सुरक्षित रखना नहीं रह गया है। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा था कि उन्हें इस बात का गहरा मलाल है कि वे एक ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं जहां अपराध बेलगाम है। चिराग ने चेतावनी दी थी कि अगर समय रहते कड़ा एक्शन नहीं लिया गया, तो बिहार और बिहारियों की जिंदगी के साथ हो रहे इस खिलवाड़ का अंजाम बेहद गंभीर होगा।




