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नेपाल से लेकर यूपी-ओडिशा तक जलप्रलय: 77 लोगों की मौत, नदियां उफान पर और हजारों बेघर

उत्तर भारत और नेपाल में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मची है; यूपी में 56 और नेपाल में 21 लोगों की जान चली गई, जबकि उत्तराखंड व ओडिशा में आपात राहत कार्य जारी हैं।
बारिश: यूपी में 56 और नेपाल में 21 की मौत, फोटो-AI

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New Delhi: नेपाल से लेकर भारत के कई राज्यों और थाईलैंड तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा रखी है। पिछले तीन दिनों में केवल उत्तर प्रदेश में बारिश और आंधी-तूफान से जुड़े हादसों में 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पड़ोसी देश नेपाल में लैंडस्लाइड और बाढ़ से 21 लोगों की जान चली गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पांच पहाड़ी जिलों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

यूपी में फसलें और मकान तबाह, गंगा में नौकायन बंद

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और निचले रिहायशी इलाके जलमग्न हो चुके हैं। गाजीपुर, अयोध्या, सीतापुर और लखीमपुर खीरी में हजारों एकड़ फसलें पानी में डूब गई हैं और सैकड़ों कच्चे मकान ढह गए हैं। वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं और पानी रिहायशी बस्तियों की ओर बढ़ रहा है। बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से गंगा में सभी प्रकार की नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

उत्तराखंड में 136 पर्वतारोही फंसे, रेड अलर्ट जारी

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले हिस्सों में लगातार बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने चमोली, रुद्रप्रयाग, चंपावत, नैनीताल और पौड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट जबकि राजधानी देहरादून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऋषिकेश में गंगा के तेज बहाव को देखते हुए रिवर राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने से 136 पर्वतारोही, ट्रैकर्स और पोर्टर्स फंस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है।

ओडिशा में एक लाख लोग सुरक्षित निकाले गए, नेपाल बेहाल

ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के कारण 13 जिलों में मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत शिविरों में भोजन और दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। महानदी और सुवर्णरेखा नदियों में आए उफान के चलते निचले इलाकों से एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। उधर, नेपाल के पाल्पा जिले में भूस्खलन की चपेट में एक मकान के आने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि मनांग जिले में हिमस्खलन से 2 लोगों की जान चली गई और 10 लापता हैं। थाईलैंड में भी बाढ़ से बिगड़े हालात को संभालने के लिए सेना तैनात की गई है।

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