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ईरानी क्रूज मिसाइल ने भेदा अमेरिका का तैरता किला, 8 मरीन घायल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी क्रूज मिसाइल हमले में एक अमेरिकी सैन्य पोत क्षतिग्रस्त हो गया और 8 मरीन घायल हो गए, जबकि घटना के बाद वॉशिंगटन ने अब तक कोई सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं की है।
होर्मुज में अमेरिकी सैन्य पोत पर स्ट्राइक

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Tehran, (Iran): स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 14 सितंबर को ईरान से जुड़े एक मिसाइल हमले ने अमेरिकी सैन्य जहाज को सीधे निशाना बनाया, जिसमें सवार आठ अमेरिकी मरीन घायल हो गए। ईरानी क्रूज मिसाइल ने पोत के एक हिस्से को भेद दिया, जिससे वहां मौजूद सैन्यकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी आठों मरीन की जान बच गई है और उन्हें तत्काल प्राथमिक चिकित्सा दी गई। ज्यादातर सैनिकों के फेफड़ों में धुआं भर गया, जबकि कुछ जवानों में दर्दनाक सिर की चोट (ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी) की आशंका जताई जा रही है।

जवाबी कार्रवाई पर वॉशिंगटन की रहस्यमयी चुप्पी

इस सीधे हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि अमेरिका ने अब तक ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं की है। अमूमन खाड़ी क्षेत्र में किसी भी आक्रामक कार्रवाई का तुरंत और आक्रामक जवाब देने वाले अमेरिका ने इस बार आधिकारिक घोषणा तक नहीं की है। अतीत में जब ईरानी बलों ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया था, तब अमेरिका ने ईरानी तटवर्ती ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर पलटवार किया था। इस बार पेंटागन और व्हाइट हाउस की तरफ से साधी गई चुप्पी को रक्षा विशेषज्ञ असामान्य मान रहे हैं।

महंगे इंटरसेप्टर और जॉर्डन बेस का नुकसान

अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान पर ईरानी हमलों का आर्थिक और सामरिक असर पहले भी देखा जा चुका है। इससे पूर्व जब ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया था, तो वहां तैनात फाइटर जेट्स के पंख तक टूट गए थे और भारी सैन्य ढांचा नष्ट हुआ था। उस दौरान अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना को लगभग 80 इंटरसेप्टर मिसाइलें दागनी पड़ी थीं। इन मिसाइलों की अनुमानित लागत करीब 50 करोड़ डॉलर (लगभग 4,100 करोड़ रुपये) आंकी गई थी, जिसने पेंटागन के रक्षा बजट पर भारी दबाव डाला था।

‘कासिम बशीर’ मिसाइल और बढ़ता नौसैनिक दबाव

होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर हुआ यह हमला क्षेत्रीय जलक्षेत्र में शक्ति संतुलन बदलने के दावों के बीच हुआ है। ईरान ने हाल ही में ‘कासिम बशीर’ नामक एक नई एंटी-शिप मिसाइल का अनावरण किया है। ईरानी सेना का दावा है कि यह घातक मिसाइल अमेरिकी नौसेना के विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश’ को 1,200 किलोमीटर तक पीछे धकेलने की क्षमता रखती है। समुद्र के इस संकरे रास्ते में अमेरिकी जहाजों की सुरक्षा अब पेंटागन के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुकी है।

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