Ujjain: धार्मिक नगरी उज्जैन में कंठल चौराहे से गोपाल मंदिर मार्ग पर हुए भारी हंगामे और पथराव के बाद अब हालात काबू में हैं। शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर करीब दो घंटे चले बवाल के बाद मुस्लिम समाज प्रस्तावित निर्माण को खुद तोड़ने के लिए तैयार हो गया है। वहीं दूसरी तरफ, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिस पर पथराव करने के मामले में 10 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
Read more: उज्जैन: शाही मस्जिद का हिस्सा गिराने पर बवाल, पत्थरबाजी और आंसू गैस
40 करोड़ श्रद्धालुओं की व्यवस्था और सड़क चौड़ीकरण

यह पूरा विवाद सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा है। आयोजन के दौरान शहर में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिसे देखते हुए संकरे रास्तों को चौड़ा किया जा रहा है। कंठल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है और ऐतिहासिक शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा इसी दायरे में आ रहा है। प्रशासन ने मस्जिद के चिन्हित हिस्से को हरे कपड़े से ढकवा दिया था। इसके विरोध में महिलाएं सड़क पर आकर बैठ गईं, जिससे मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
बीच सड़क पर पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
जब पुलिस की टीम ने सड़क पर बैठी महिलाओं को समझा-बुझाकर हटाने की कोशिश की, तो अचानक भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। पथराव से भगदड़ की स्थिति बन गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसी दौरान महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालते समय पुलिस निरीक्षक पुष्पा पांचाल के हाथ में लोहे के टीन की धार लगने से गहरा कट आ गया। हालांकि, प्राथमिक उपचार कराने के तुरंत बाद वह वापस ग्राउंड पर ड्यूटी में जुट गईं।
सीएम ने खुद चलाई थी कुदाल, अब समाज आया आगे
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क चौड़ीकरण का नियम सभी पर समान रूप से लागू हो रहा है। रविवार को ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सड़क की जद में आ रहे अपने पैतृक निवास पर खुद भावुक होकर कुदाली चलाई थी और उसे तुड़वाया था। शहर के अन्य इलाकों में भी लोग स्वेच्छा से अपने मकानों के हिस्से हटा रहे हैं। अब दो घंटे की तनातनी और समझाइश के बाद शाही मस्जिद प्रबंधन और समाज के लोग भी प्रस्तावित हिस्से को खुद हटाने पर सहमत हो गए हैं, जिससे इलाके में शांति लौट आई है।




