Pune: लोहगढ़ किला पर केतन अग्रवाल की मौत के मामले में एक गवाह ने पुलिस को दिए बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं। गवाह का दावा है कि उसने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को केतन को पहाड़ी से धक्का देते हुए देखा था। गवाह के मुताबिक, घटना के बाद जब उसने चेतन से सवाल किया तो उसे भी पहाड़ी से नीचे फेंकने की धमकी दी गई। पुलिस ने गवाह की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
गवाह ने बताई पूरी घटना
गवाह के अनुसार, वह परिवार के साथ लोहगढ़ किला घूमने गया था। सीढ़ियों से ऊपर जाते समय उसने केतन और सिया को साथ देखा। उनके पीछे चेतन चौधरी हुडी पहनकर चल रहा था। गवाह ने उससे इतनी गर्मी में हुडी पहनने की वजह भी पूछी थी।
कुछ देर बाद चेतन मंदिर के पास बैठ गया, जबकि केतन और सिया आगे चले गए। गवाह ने बताया कि पेट में ऐंठन होने के कारण वह कुछ समय के लिए वहां से हट गया था। वापस लौटने पर उसने सिया को चेतन की तरफ इशारा करते देखा। इसके बाद सिया बैठी और कथित तौर पर केतन के पैर पर लात मारी।
गवाह के मुताबिक, इसके तुरंत बाद चेतन दौड़कर आया और उसने पीछे से केतन को जोर से धक्का दे दिया। केतन पहाड़ी से नीचे गिर गया। गवाह ने जब चेतन से इस बारे में सवाल किया तो कथित तौर पर उसे भी नीचे फेंकने की धमकी दी गई।
पुलिस तक पहुंचा गवाह
गवाह ने बताया कि घर लौटने के बाद उसे तेज बुखार और शरीर में दर्द होने लगा। बाद में जब घटना मीडिया में सामने आई तो उसने पुलिस से संपर्क किया और अपना बयान दर्ज कराया। उसका दावा है कि पुलिस से संपर्क करने के बाद उसे धमकियां भी मिलने लगीं और उसका हश्र केतन जैसा करने की बात कही गई।
एक और गवाह ने भी चेतन को देखा
मामले में एक अन्य गवाह ने भी चेतन से सीधे मिलने की बात कही है। उसके मुताबिक, किले पर चढ़ते समय उसने चेतन से हुडी पहनने को लेकर सवाल किया था, लेकिन चेतन ने कोई जवाब नहीं दिया।
पुलिस जुटा रही सबूत
पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब तक कम से कम 12 टीबी डेटा इकट्ठा किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सिया के बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के अलावा उसके दोस्त रितेश हंगे को भी गिरफ्तार किया गया है।
अब तक कम से कम तीन महत्वपूर्ण गवाहों के सामने आने की बात कही गई है। इन बयानों के बाद पुलिस की जांच में घटना के क्रम और आरोपों से जुड़े नए पहलुओं को शामिल किया गया है। हालांकि, गवाहों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




