New Delhi: आज से शुरू होने वाली तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल टाल दी गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच 27 सितंबर की देर रात हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। UFBU ने सर्कुलर जारी कर इसकी जानकारी दी। हड़ताल टलने के बाद बैंक अब सामान्य तरीके से काम करेंगे।
हड़ताल क्यों टली?
हड़ताल टालने की मुख्य वजह बैंक यूनियनों की मांगों पर आगे बातचीत के लिए बनी सहमति है। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर विचार करने के लिए IBA और UFBU मिलकर एक उच्च स्तरीय समिति बनाएंगे। समिति सभी संबंधित पक्षों और ग्राहकों को स्वीकार्य समाधान तलाशने पर चर्चा करेगी।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पांच दिन के बैंकिंग वीक को सरकार ने मंजूरी दे दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर अभी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है। यानी शनिवार और रविवार की छुट्टी को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
PLI योजना पर भी होगी बातचीत
बैंक यूनियनों ने नई PLI यानी Performance Linked Incentive योजना को वापस लेने की मांग भी उठाई थी। बैठक में सहमति बनी कि IBA यूनियनों की चिंताओं को लेकर सरकार के सामने संशोधन का प्रस्ताव रखेगा। इसके बाद इस मुद्दे पर आगे चर्चा होगी।
पुराने लंबित मुद्दे भी आएंगे सामने
बैठक में 8 मार्च 2024 के मिनट्स में दर्ज अन्य लंबित मुद्दों को भी जल्द निपटाने पर चर्चा करने की सहमति बनी है। यूनियनों का कहना था कि करीब ढाई साल पहले हुए समझौते में जिन बातों पर सहमति बनी थी, उनमें से कुछ अब तक पूरी नहीं हुई हैं।
ग्राहकों को मिली बड़ी राहत
हड़ताल टलने का सीधा असर बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा। तीन दिन बैंक बंद रहने की आशंका से पैदा होने वाली परेशानी अब नहीं होगी। रविवार को हड़ताल की तैयारी के लिए खुले रहे बैंक भी अब सामान्य कामकाज करेंगे।
UFBU ने पहले कहा था कि हड़ताल का मकसद ग्राहकों को परेशान करना नहीं है। यूनियनों का तर्क था कि बैंकिंग सेवाएं लगातार चलती रहना जरूरी है, लेकिन लंबे समय से लंबित मांगों और समझौते के वादों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
अब हड़ताल टल गई है, लेकिन पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह और PLI योजना पर अंतिम फैसला आगे की बातचीत और समिति की प्रक्रिया के बाद ही होगा।




