New Delhi: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (Deep Depression) आखिरकार 23-24 सितंबर की दरम्यानी रात उत्तरी आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के पास समुद्र तट को पार कर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, लैंडफॉल के बाद यह मौसमी तंत्र अब जमीन के ऊपर धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे ‘चक्रवात अर्नब’ कहा जा रहा था, लेकिन मौसम विभाग ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि यह तकनीकी रूप से चक्रवाती तूफान के स्तर तक नहीं पहुंचा था, बल्कि एक डीप डिप्रेशन था। इसके बावजूद खतरा अभी टला नहीं है और इसके प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों में देश के 7 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
75 किमी की रफ्तार से टकराया सिस्टम
आईएमडी के रिकॉर्ड के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में यह सिस्टम पहले निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure) के रूप में विकसित हुआ, जो बाद में डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया। तट पार करते समय हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि तेज झोंकों की गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। 24 सितंबर की सुबह तक यह मौसमी चक्र कलिंगपट्टनम से करीब 50 किलोमीटर पश्चिम में जमीन के ऊपर पहुंच चुका था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिस्टम के कमजोर होने के बावजूद इसके पीछे भारी नमी का प्रवाह मौजूद है, जो कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का कारण बन रहा है।
ओडिशा में स्कूल बंद, समुद्र में जाने पर रोक
इस मौसमी हलचल का सबसे तीव्र और व्यापक असर ओडिशा के तटीय और दक्षिणी जिलों में देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने 25 और 26 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बहुत भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। सुरक्षा के लिहाज से पुरी सहित कई संवेदनशील जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं, जबकि मछुआरों के समुद्र में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वहीं उत्तरी आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में भारी जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई गई है।
बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में अलर्ट
डीप डिप्रेशन के मध्य भारत की ओर बढ़ने से इसका दायरा तेजी से फैल रहा है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और गांगेय इलाकों में 25 सितंबर को तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसका सीधा असर कोलकाता समेत आसपास के शहरों पर पड़ेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी भारी बारिश की संभावना है, जबकि झारखंड और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी आसमान में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का अनुमान है।




