Ranchi: झारखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग की समस्याओं, सटीक जनसांख्यिकी और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अखिल भारतीय संपूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. सूरज मंडल के नेतृत्व में राज्य के ओबीसी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन (लोकभवन) में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिला। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर ओबीसी समुदाय के हितों की रक्षा और उनकी आबादी के अनुसार न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू, झारखंड प्रदेश तैलिक साहू महासभा के अध्यक्ष महेश महतो, शिक्षाविद राज किशोर साहू, प्रमोद प्रसाद गुप्ता और सुबोध लकड़ा प्रमुख रूप से शामिल थे।
जाति जनगणना में अलग कॉलम की मुख्य मांग
मुलाकात के दौरान डॉ. सूरज मंडल ने जोर देकर कहा कि देश और राज्य में चल रही जनगणना प्रक्रिया के तहत ओबीसी समुदाय की प्रत्येक उपजाति की स्पष्ट गणना होनी चाहिए। इसके लिए जनगणना फॉर्म में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की तर्ज पर ओबीसी के लिए भी अलग कॉलम का प्रावधान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपजातियों के सटीक आंकड़ों के बिना ओबीसी समाज के लिए प्रभावी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक नीतियां बनाना असंभव है।
विधानसभा सीटों के परिसीमन और पंचायत चुनाव में प्रतिनिधित्व की मांग
लोकहित अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाथ साहू ने कहा कि जब तक धरातल पर पारदर्शी जनगणना लागू नहीं होगी, तब तक पिछड़े वर्गों को उनका हक नहीं मिल सकेगा। उन्होंने राजनीतिक परिसीमन पर चर्चा करते हुए मांग रखी कि झारखंड विधानसभा में कम से कम 120 से 130 सीटें की जानी चाहिए, जिससे बहुसंख्यक ओबीसी आबादी को निर्वाचित क्षेत्रों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व मिल सके। साथ ही, उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों में भी ओबीसी आरक्षण और जनसंख्या के आधार पर सीटें सुनिश्चित करने की बात कही।
तैलिक साहू महासभा के महेश महतो और शिक्षाविद राज किशोर साहू ने विचार रखते हुए कहा कि ओबीसी को एक सामान्य वर्ग में दर्ज कर देने से वास्तविक सामाजिक आंकड़े सामने नहीं आ पाते, जिससे जरूरतमंद उपजातियां कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाती हैं।
पारंपरिक ‘करम परब’ में राज्यपाल की उपस्थिति की सराहना
वार्ता के अंत में डॉ. सूरज मंडल ने बेड़ो प्रखंड के कटरमाली (10 पड़हा) में आयोजित करम पूर्व संध्या समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अविभाजित बिहार और झारखंड के इतिहास में यह एक दुर्लभ और ऐतिहासिक क्षण है जब राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति ने ग्रामीण अंचल में जाकर आदिवासियों और स्थानीय लोगों के पारंपरिक पर्व में भाग लिया। इस संवेदनशील निर्णय से ग्रामीणों में सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक सशक्तिकरण का नया संचार हुआ है।





