पटना : बिहार विद्या साथी ऐप से अब तक 3 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं। इनमें करीब 73 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसे ऐप शुरू होने के एक महीने के भीतर अच्छी उपलब्धि बताया।
बुधवार को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति सभागार में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में परीक्षा व्यवस्था, व्यावसायिक शिक्षा और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
अपार आईडी को फेस आईडी से जोड़ने की तैयारी
बैठक में परीक्षा व्यवस्था को अधिक तकनीकी और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों की पहचान के लिए अपार आईडी को फेस आईडी से जोड़ने और परीक्षा केंद्रों पर इसे लागू करने की तैयारी की समीक्षा की गई।
पुराने पाठ्यक्रम हटेंगे
शिक्षा मंत्री ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार की जरूरतों के अनुसार बनाया जाए। पुराने और कम उपयोगी ट्रेड व पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर उन्हें हटाने पर जोर दिया गया। इसके स्थान पर एनिमेशन डिजाइनिंग, एआई, मोबाइल रिपेयरिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शामिल करने की बात कही गई।
सिमुलतला में प्रवेश होगा आसान
बैठक में मैट्रिक और इंटर में प्रथम श्रेणी से पास विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने पर चर्चा हुई। सिमुलतला आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का प्रवेश आसान बनाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही आईटीआई और औद्योगिक प्रशिक्षण को बेहतर करियर विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की बात कही गई।
ड्रॉपआउट कम करने की बनेगी रणनीति
10वीं के बाद 12वीं तक नहीं पहुंच पाने वाले विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई या कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए प्रोत्साहन राशि देने की तैयारी पर भी चर्चा हुई।
समय पर जारी होंगे परीक्षा परिणाम
बैठक में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के परिणाम समय पर जारी करने पर भी चर्चा हुई। तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने और रिजल्ट समय पर जारी करने पर जोर दिया गया। ग्रामीण और दूरदराज के विद्यार्थियों तक डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता पहुंचाने पर भी बल दिया गया।




