Florida, (United States): अटलांटिक महासागर में 20 सितंबर 2026 को इस सीजन का छठा उष्णकटिबंधीय तूफान ‘फे’ (Fay) आकार ले चुका है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह प्रणाली अभी 72 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के साथ एक सामान्य ट्रॉपिकल स्टॉर्म के दायरे में है। किसी भी तूफान को हरिकेन की श्रेणी में आने के लिए कम से कम 119 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर रफ्तार की दरकार होती है। फिलहाल यह प्रणाली अजोर्स द्वीप समूह से करीब 725 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है और 8 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी चाल से उत्तर-उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ रही है।
मंगलवार तक कमजोर पड़ने के आसार, जमीन को सीधा खतरा नहीं
मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार रात तक तूफान ‘फे’ अपनी दिशा बदलेगा। मंगलवार तक इसके कमजोर पड़कर एक साधारण निम्न दबाव वाले क्षेत्र (Low-Pressure Area) में बदलने और सप्ताहांत तक पूरी तरह खत्म होने की संभावना है। चूंकि यह प्रणाली तटीय इलाकों से काफी दूरी पर समुद्र में सक्रिय है, इसलिए दक्षिण फ्लोरिडा पर इसका कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, मियामी और फोर्ट लॉडरडेल जैसे तटीय शहरों में दोपहर और शाम के वक्त गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
एक सदी में केवल तीसरी बार बन सकता है ऐसा दुर्लभ रिकॉर्ड
इस साल के अटलांटिक चक्रवाती सीजन का सबसे चौंकाने वाला पहलू हरिकेन का न बनना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि 30 नवंबर को सीजन खत्म होने तक एक भी हरिकेन विकसित नहीं होता है, तो पिछले 100 से अधिक वर्षों में यह केवल तीसरी ऐसी घटना होगी। इससे पहले पूरे इतिहास में सिर्फ 1907 और 1914 के सीज़न में ही ऐसा देखा गया था जब अटलांटिक में एक भी हरिकेन दर्ज नहीं हुआ था।
सैटेलाइट युग में पहली बार ऐसा पैटर्न, वैज्ञानिक भी हैरान
सैटेलाइट आधारित आधुनिक निगरानी व्यवस्था शुरू होने के बाद से अब तक अटलांटिक में इतना असामान्य सन्नाटा कभी नहीं देखा गया। यही वजह है कि दुनियाभर के मौसम वैज्ञानिक अटलांटिक के समुद्री तापमान, ऊपरी हवाओं के रुख और नमी के स्तर की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इन सभी वायुमंडलीय कारकों का अध्ययन यह समझने के लिए किया जा रहा है कि इस सीजन में तूफान ताकतवर हरिकेन में तब्दील क्यों नहीं हो पा रहे हैं।





