Patna: राज्य में जमीन और संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्री की नई व्यवस्था तेजी से रफ्तार पकड़ रही है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने के शुरुआती 15 दिनों में ही करीब 12 हजार दस्तावेज पेपरलेस माध्यम से निबंधित किए जा चुके हैं। इस प्रक्रिया से राज्य सरकार के खाते में 126 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जमा हुआ है। राज्य भर में पारंपरिक दस्तावेज लेखकों (कातिबों) के विरोध के बावजूद आम नागरिक इस डिजिटल सहूलियत को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हर दिन 1000 रजिस्ट्री, 1500 के पार जाने का अनुमान
विभाग के अनुसार, मौजूदा समय में रोजाना औसतन 1,000 दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीकरण हो रहा है। आम लोगों के बीच बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए अधिकारियों का अनुमान है कि आगामी सप्ताह में यह दैनिक औसत 1,500 के पार पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि इस सुविधा की शुरुआत इसी साल जुलाई में हुई थी। पहले महीने में करीब 1,200 पेपरलेस रजिस्ट्री दर्ज हुई थीं, जो अगस्त में बढ़कर 6,700 से अधिक हो गईं और विभाग को 85 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। अब सितंबर में इस आंकड़े ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
घर बैठे सुविधा और स्वचालित व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता
यह पूरी प्रक्रिया अत्याधुनिक ई-निबंधन सॉफ्टवेयर के जरिए संचालित हो रही है। इसमें मानवीय हस्तक्षेप को खत्म करते हुए कंप्यूटर द्वारा शुल्क की स्वचालित गणना, ई-चालान, ई-स्टांप और डिजिटल ई-साइन की सीधी सुविधा दी गई है। इससे दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने और कागजी औपचारिकता में लगने वाले समय की बचत हो रही है। आवेदक अब घर बैठे या नजदीकी सुविधा केंद्र से अपनी रजिस्ट्री पूरी कर रहे हैं, जिससे पूरी व्यवस्था में बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है।




