Health Adda: नवजात शिशुओं की त्वचा वयस्कों की तुलना में बेहद पतली, नाजुक और संवेदनशील होती है। ऐसे में उनकी दैनिक देखभाल में हुई थोड़ी सी भी लापरवाही त्वचा संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। अक्सर नए माता-पिता अनजाने में बच्चों को नहलाते समय ऐसी सामान्य गलतियां कर बैठते हैं, जिनका सीधा असर शिशु की सेहत और त्वचा की नमी पर पड़ता है। बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, शिशु के बाथ टाइम को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए कुछ बुनियादी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
इन गलतियों से बचें
- कई अभिभावक यह मानते हैं कि शिशु को दिन में कई बार नहलाने से वह अधिक तरोताजा और साफ रहेगा, लेकिन यह धारणा सही नहीं है। बार-बार पानी के संपर्क में आने से त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे स्किन रूखी और बेजान हो सकती है।
- इसके साथ ही पानी का तापमान जांचना सबसे महत्वपूर्ण है। जो पानी बड़ों को सामान्य गर्म लगता है, वह बच्चे की त्वचा के लिए काफी तेज हो सकता है। पानी तैयार करने के बाद हमेशा अपनी कोहनी डुबोकर तापमान की जांच करें; पानी केवल गुनगुना होना चाहिए।
- शिशुओं के लिए बाजार में मिलने वाले तेज खुशबूदार साबुन, बॉडी वॉश और बबल बाथ का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इनमें मौजूद कृत्रिम रसायन एलर्जी, रैशेज और जलन पैदा कर सकते हैं। डॉक्टर की सलाह पर हमेशा माइल्ड और खुशबू-रहित बेबी प्रोडक्ट्स का ही चयन करें।
- नहलाते समय सबसे बड़ी सावधानी शिशु को पकड़ने के तरीके में बरतनी होती है। गीली त्वचा होने पर बच्चा आसानी से फिसल सकता है, इसलिए एक हाथ से हमेशा उसकी गर्दन और ऊपरी पीठ को मजबूत सहारा देकर रखें।
- शिशु को टब या पानी में लंबे समय तक न रखें। 5 से 10 मिनट का समय स्नान के लिए पर्याप्त होता है; इससे अधिक देर पानी में रहने से शरीर का तापमान गिरने (हाइपोथर्मिया) का खतरा रहता है।
- स्नान के तुरंत बाद जब त्वचा हल्की नम हो, तभी माइल्ड बेबी मॉइस्चराइजर लगाएं ताकि प्राकृतिक नमी त्वचा के भीतर लॉक हो सके। इसके अतिरिक्त, कभी भी दूध पिलाने के तुरंत बाद बच्चे को नहलाने न ले जाएं। फीडिंग और नहाने के बीच कम से कम 30 से 45 मिनट का अंतर जरूर रखें, ताकि बच्चे का पाचन तंत्र प्रभावित न हो और उल्टी की समस्या न हो।




