भागलपुर: गंगा और कोसी नदी के बढ़े जलस्तर से भागलपुर जिले में इस साल बाढ़ ने काफी नुकसान पहुंचाया है। अब पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन कई इलाकों में लोगों की परेशानी अभी भी बनी हुई है। शुरुआती आकलन में जिले में बाढ़ से करीब 1,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
बाढ़ से बड़ी संख्या में गांव और पंचायत प्रभावित हुए हैं। खेतों में लगी धान, मक्का, सब्जी और केले की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कई जगह सड़कें और संपर्क मार्ग पानी में डूबने से आवागमन भी प्रभावित हुआ।
रंगरा चौक के बनिया गांव में बाढ़ के दबाव के कारण पुरानी रेलवे लाइन का तटबंध टूट गया था। इसके बाद आसपास के कई इलाकों में पानी फैल गया। भागलपुर में पहले भी कई तटबंधों के टूटने से बाढ़ का असर बढ़ा था।
बाढ़ के दौरान कोयली खटहा गांव में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की घटना भी सामने आई। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई और राहत शिविर चलाए गए हैं। 17 सितंबर तक प्रशासन के अनुसार 9.39 लाख से अधिक लोगों तक राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था और 230 सामुदायिक रसोई संचालित थीं।
कई इलाकों में पानी घटने के बाद भी घरों, सड़कों और खेतों में जलजमाव बना हुआ है। कुछ स्थानों पर सामुदायिक रसोई बंद होने से प्रभावित परिवारों के सामने भोजन की समस्या भी सामने आई है।
प्रशासन का कहना है कि पानी पूरी तरह उतरने के बाद नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इसके आधार पर प्रभावित लोगों को सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, ग्रामीणों ने तटबंधों की मरम्मत, जल निकासी और बाढ़ से बचाव के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है।




