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49 लाख लोग बाढ़ से बेहाल! सरकार ने झोंकी पूरी ताकत, 1.76 करोड़ थाली बंटा खाना

बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 49.72 लाख आबादी प्रभावित है, जिनके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने 706 कम्युनिटी किचन, 819 नावें और 36 NDRF-SDRF टीमें तैनात की हैं।
बाढ़ के बीच राहत का बड़ा अभियान

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Patna: बिहार के कई हिस्सों में प्रमुख नदियों के उफान के चलते पैदा हुए बाढ़ संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर तेज कर दिए हैं। जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों की मदद के लिए प्रशासन पूरी ताकत झोंक चुका है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ के बीच राहत का बड़ा अभियान चलाते हुए अब तक प्रभावित आबादी के बीच 1 करोड़ 76 लाख 25 हजार थाली सुबह-शाम का ताजा भोजन वितरित किया जा चुका है। इसके लिए ग्राउंड जीरो पर 706 कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोइयां) चौबीसों घंटे संचालित की जा रही हैं।

10 राहत शिविर, 819 नावें और पशुचारे का वितरण

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्यभर में 10 विशेष राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 9,866 शरणार्थियों के रहने, भोजन और प्राथमिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक करीब 4.45 लाख पॉलिथीन शीट, 87,500 ड्राई राशन पैकेट और 1,400 फूड पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। सुरक्षित आवागमन और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकालने के लिए 819 सरकारी नावों का बेड़ा लगातार काम कर रहा है। इसके साथ ही मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक 17,881 क्विंटल हरा और सूखा पशुचारा उपलब्ध कराया गया है।

15 जिलों की 49.72 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित

केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा नदी पटना के गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर और कहलगांव में लाल निशान के ऊपर बह रही है। इसके अतिरिक्त डुमरिया घाट पर गंडक, बलतारा व कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, बेनीबाद में बागमती और खुतौना में भुतही बलान नदी खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है। नदियों के इस जलस्तर से राज्य के 15 जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल के 88 प्रखंडों की 576 पंचायतों में रहने वाली लगभग 49.72 लाख आबादी सीधे प्रभावित हुई है।

बराजों पर स्थिरता, 36 टीमें मोर्चा संभाले

राहत की बात यह है कि वीरपुर बराज पर कोसी और वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का जलप्रवाह स्थिर बना हुआ है, जबकि इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। राहत व बचाव कार्यों को रफ्तार देने के लिए राज्य में एसडीआरएफ (SDRF) की 27 और एनडीआरएफ (NDRF) की 9 टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, आगामी दो दिनों में कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग मुख्यालय से चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रहा है।

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