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झारखंड में नक्सलियों को बड़ा झटका, 2.20 करोड़ का इनामी सरेंडर

Jamshedpur : प्रतिबंधित भाकपा माओवादी के केंद्रीय कमेटी सदस्य (सीसीएम) असीम मंडल उर्फ आकाश के आत्मसमर्पण से झारखंड में नक्सली गतिविधियों के खिलाफ अभियान को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फूलचुक निवासी असीम मंडल

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Jamshedpur :  प्रतिबंधित भाकपा माओवादी के केंद्रीय कमेटी सदस्य (सीसीएम) असीम मंडल उर्फ आकाश के आत्मसमर्पण से झारखंड में नक्सली गतिविधियों के खिलाफ अभियान को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फूलचुक निवासी असीम मंडल ने सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। पुलिस के अनुसार उस पर झारखंड और ओडिशा में कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसमें झारखंड में एक करोड़ और ओडिशा में 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल है। असीम मंडल 55 मामलों में वांछित बताया गया है।

असीम मंडल का नाम पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षा बलों पर हुए कई नक्सली हमलों के मामलों में सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम के एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित झाटी पहाड़ी में 11 जुलाई 2018 को सुरक्षा बलों पर हुए हमले में एक जवान शहीद हुआ था। इस घटना में भी असीम मंडल का नाम नक्सली गतिविधियों से जुड़े आरोपों में सामने आया था। वहीं पश्चिमी सिंहभूम में छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोंगा में एक मार्च 2026 को 209 कोबरा के असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। 12 अप्रैल 2025 को जराइकेला थाना क्षेत्र के राधापोरा में झारखंड जगुआर के एक जवान की मौत के मामले में भी उसका नाम सामने आया है।

इसके अलावा 11 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका में 209 कोबरा के नौ जवानों के घायल होने और 31 मई 2020 को कराईकेला थाना क्षेत्र के जोंवा में एक सुरक्षाकर्मी की मौत से जुड़े मामलों में भी असीम मंडल की भूमिका की जांच की गई है।

असीम मंडल के आत्मसमर्पण के बाद झारखंड पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल जाकर उससे पूछताछ करेगी। सुरक्षा एजेंसियां उसके संगठन में नेटवर्क, नक्सली गतिविधियों और विभिन्न हमलों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाने में लगी हैं। इसके साथ ही जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री के डंप का पता लगाने के लिए भी उससे पूछताछ की जा रही है। केंद्रीय कमेटी स्तर के नेता के आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां संगठन के नेटवर्क और गतिविधियों से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिहाज से अहम मान रही हैं।

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