Patna: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार ने खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में विकेंद्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्था के तहत राज्य के सभी जिलों में अधिकतम संभव मात्रा में उसना चावल तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिप्राप्ति कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक चावल मिलरों के लिए ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया 16 अगस्त 2026 से जारी है। बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के पोर्टल (esahkari.bihar.gov.in) के माध्यम से आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने सभी मिल संचालकों से समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
किसानों के हित में पारदर्शी व्यवस्था: खाद्य मंत्री
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री श्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से धान की सुगम एवं पारदर्शी खरीद के लिए व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ कर रही है। खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में प्रत्येक जिले में अधिकतम मात्रा में उसना चावल तैयार करने के ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से अधिप्राप्ति, मिलिंग और ढुलाई की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
कार्यशील विद्युत कनेक्शन अनिवार्य, बिजली खपत पर सीधी नजर
इस वर्ष धान की मिलिंग करने वाले सभी चावल मिलों के लिए कार्यशील विद्युत संयोजन (बिजली कनेक्शन) अनिवार्य कर दिया गया है। मिलों द्वारा की जाने वाली बिजली खपत की मासिक रिपोर्ट संबंधित विद्युत वितरण कंपनियों से सीधे विभाग द्वारा प्राप्त की जाएगी। इस व्यवस्था से मिलों की वास्तविक कार्यक्षमता और मिलिंग गतिविधियों की निगरानी सीधे तौर पर की जा सकेगी।
जीपीएस और वीटीएस से होगी वाहनों की ट्रैकिंग
धान और चावल के परिवहन के लिए प्रयुक्त वाहनों का ऑनलाइन निबंधन, सत्यापन और जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य किया गया है। वाहनों के दस्तावेजों की जांच भारत सरकार के ‘वाहन सारथी पोर्टल’ के जरिए होगी। इसके साथ ही मिल परिसरों को जियो-फेंसिंग के दायरे में लाया जाएगा और बिहार राज्य खाद्य निगम के व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (VTS) के जरिए ढुलाई पर नजर रखी जाएगी।




