New Delhi: देश के कई राज्यों में मानसून की बारिश अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनती जा रही है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कई जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और केदारनाथ यात्रा स्थगित
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं। केदारनाथ के चीरबासा हेलिपैड के पास रविवार को पहाड़ से चट्टानें गिरने से 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी लैंडस्लाइड होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यात्रा रोक दी गई है। भीमबली और केदारनाथ के बीच करीब 1,000 यात्री फंसे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें से कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की भी बात सामने आई है।
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति
बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और 48 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हुए हैं। राज्य की आठ प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल क्रूज भागलपुर में छह दिनों से फंसा हुआ था, जिसे रविवार को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस क्रूज में सवार 9 विदेशी नागरिकों समेत 11 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर रेस्क्यू कर लिया गया है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
राजस्थान में भी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 36 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम का प्रभाव 16 सितंबर तक बने रहने का अनुमान है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
उधर, मध्य प्रदेश में भी कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज हैं। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय बताए गए हैं। भोपाल समेत कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे बड़वानी में नदी-नाले उफान पर हैं। मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र की डूबने से मौत हो गई। वहीं, टीकमगढ़ में भारी बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े हैं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।



