New Delhi: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के पत्रकार भारत की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती भूमिका की खुलकर सराहना कर रहे हैं। विदेशी पत्रकारों का कहना है कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्लोबल साउथ की आवाज को अभूतपूर्व मजबूती दी है।
अफ्रीकी संघ और ग्लोबल साउथ पर दक्षिण अफ्रीकी पत्रकार की राय
साउथ अफ्रीका के द नेशनल मीडिया ग्रुप के पत्रकार सियाबोंगा गुडमैन ने ब्रिक्स समिट के दौरान आईएएनएस से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि 2023 में जब भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा था, तब पीएम मोदी ने ही अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल कराने की पहल की थी। एक अफ्रीकी नागरिक के तौर पर यह स्पष्ट है कि भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों को बहुपक्षीय समुदाय में प्रमुख भागीदार बनाने के लिए ऐतिहासिक नेतृत्व किया है। वर्तमान में ब्रिक्स के मंच पर एकध्रुवीय दुनिया से आगे बढ़ने और वैश्विक स्तर पर नए विकल्पों पर चर्चा हो रही है।
भारत और नाइजीरिया के द्विपक्षीय व्यापार पर बड़ा अपडेट
नाइजीरिया के लीडरशिप न्यूजपेपर में डिप्लोमैटिक डेस्क के प्रमुख ओदोह इनोसेंट ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों पर बात की। उन्होंने बताया कि भारत और नाइजीरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार का ग्राफ काफी प्रभावशाली रहा है। कुछ साल पहले दोनों देशों के बीच लगभग 27 अरब डॉलर का व्यापार होता था, जो बीच में घटकर करीब 14.9 अरब डॉलर पर आ गया था। हालांकि, भारत के साथ अब अधिक मजबूत संबंधों के कारण इस व्यापार को दोबारा 27 अरब डॉलर और उससे भी आगे ले जाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत और अन्य सदस्य देशों के साथ अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने का बड़ा मंच साबित हो रहा है।
भारत-यूएई संबंध और ब्रिक्स की भूमिका
खलीज टाइम्स की सीनियर पत्रकार अल्या मोहम्मद ओबैद अली अलधानहानी ने भारत-यूएई संबंधों और ब्रिक्स में भारत की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी बेहद शानदार रही है और यहां दुनिया भर के नेताओं के लिए बेहतरीन मेहमाननवाजी देखने को मिली है। यूएई के प्रतिनिधि के रूप में महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की उपस्थिति को उन्होंने गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि निवेश, पर्यटन और व्यापार के क्षेत्र में भारत के साथ यूएई के रिश्ते बहुत पुराने हैं और इस समिट का मुख्य लक्ष्य वैश्विक स्तर पर व्यापारिक और कूटनीतिक जुड़ाव को और अधिक मजबूत करना है।



