रांची: त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही ट्रेनों में सीटों की कमी सामने आने लगी है। दशहरा, दीपावली और छठ पर घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। रांची से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और आनंद विहार जाने वाली कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है।
कई ट्रेनों के स्लीपर, थर्ड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी कोच में रिग्रेट यानी नो रूम की स्थिति बन गई है। इसका मतलब है कि इन कोच में नए टिकटों की बुकिंग बंद हो चुकी है।
दिल्ली रूट पर सबसे ज्यादा दबाव
17 अक्टूबर की रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में थर्ड एसी की वेटिंग 90 और टू एसी की 43 पहुंच गई है। हटिया-नई दिल्ली ट्रेन के स्लीपर में 87 और थर्ड एसी में 81 वेटिंग है।
हटिया-बेंगलुरु रूट पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ी हुई है। 17 अक्टूबर की ट्रेन में स्लीपर में 44 आरएसी और थर्ड एसी में 22 वेटिंग है। वहीं 1 नवंबर की एलटीटी-हटिया ट्रेन के स्लीपर में 63 और थर्ड एसी में 47 वेटिंग चल रही है।
बाहर से रांची आने वालों की परेशानी ज्यादा
दूसरे राज्यों से झारखंड लौटने वाले यात्रियों को भी टिकट के लिए परेशानी हो रही है। 6 नवंबर की नई दिल्ली-रांची राजधानी के थर्ड एसी में 249 वेटिंग है। टू एसी में टिकट मिलना बंद हो चुका है।
7 नवंबर की राजधानी में थर्ड एसी की वेटिंग 197 और टू एसी की 84 है। आनंद विहार-हटिया झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 123 तक पहुंच गई है, जबकि कुछ एसी कोच में नो रूम है।
राहत के लिए 12 स्पेशल ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची रेल मंडल ने 12 स्पेशल ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्तावित ट्रेनों में रांची-नई दिल्ली, रांची-मुंबई, रांची-जयनगर, रांची-अजमेर, रांची-आरा, रांची-बनारस और रांची-कोलकाता रूट शामिल हैं।
डीआरएम करुणानिधि सिंह के मुताबिक, त्योहारों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों का परिचालन कर यात्रियों की भीड़ कम करने की कोशिश की जाएगी। रेल मंडल का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।




