New Delhi: 18वां ब्रिक्स सम्मेलन शनिवार से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय मुलाकात होगी। यह बैठक दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर होने की संभावना है। बैठक में भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी की व्यापक समीक्षा किए जाने की बात कही गई है। वहीं, ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता शामिल होने वाले हैं।
Read more: ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे पुतिन, आज पीएम मोदी से होगी मुलाकात
ब्रिक्स सम्मेलन में कई बड़े नेता होंगे शामिल
सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत पहुंच रहे हैं। यह उनकी सात साल बाद भारत यात्रा होगी। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के छह साल बाद उनकी भारत यात्रा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान समेत कई नेता शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
मोदी-पुतिन बैठक पर रहेगी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा होगी। दोनों नेताओं की मुलाकात ब्रिक्स सम्मेलन से पहले होने वाली प्रमुख द्विपक्षीय बैठकों में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की भावना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
दिल्ली में 30 हजार जवानों की सुरक्षा
ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया है। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां भी तैनात की गई हैं। कुल मिलाकर करीब 30 हजार जवान सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। इनकी तैनाती का उद्देश्य सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
दुनिया की नजर ब्रिक्स सम्मेलन पर
ब्रिक्स सम्मेलन में कई प्रमुख वैश्विक नेताओं की मौजूदगी के कारण इसकी गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी की पुतिन और अन्य नेताओं के साथ होने वाली मुलाकातें सम्मेलन के दौरान अहम रहेंगी।




