Health Adda: गर्भधारण से लेकर बच्चे की दो वर्ष की आयु तक के शुरुआती 1,000 दिनों में कम चीनी वाला आहार अपनाने से कई दशकों बाद भी मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। यह दावा एक ताजा अध्ययन में किया गया है। शोधकर्ताओं ने चीनी की राशनिंग की पुरानी व्यवस्था को प्राकृतिक प्रयोग के रूप में इस्तेमाल कर शुरुआती जीवन में चीनी के सेवन और बाद के स्वास्थ्य के बीच संबंधों का अध्ययन किया।
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अल्जाइमर और डिमेंशिया के जोखिम में कमी
अध्ययन से जुड़े निष्कर्षों के अनुसार, जिन लोगों के शुरुआती जीवन में चीनी का सेवन अपेक्षाकृत कम था, उनमें आगे चलकर अल्जाइमर रोग का जोखिम करीब 46 प्रतिशत तक कम पाया गया। इसी तरह सभी प्रकार के डिमेंशिया के खतरे में लगभग 27 प्रतिशत की कमी देखी गई। मानसिक स्वास्थ्य के मामले में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जहां अवसाद का जोखिम करीब 11 प्रतिशत और चिंता से जुड़ी समस्याओं का खतरा लगभग 20 प्रतिशत कम होने का दावा किया गया है।
मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव
मस्तिष्क के एमआरआई स्कैन से भी महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। अध्ययन में बताया गया कि जिन लोगों ने जीवन के शुरुआती दौर में कम चीनी का सेवन किया था, उनमें उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था और बचपन के शुरुआती चरण में पोषण का असर केवल तत्काल शारीरिक विकास तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मस्तिष्क की संरचना और कार्यप्रणाली पर भी लंबे समय तक प्रभाव डाल सकता है।
इंसुलिन प्रतिरोध और खान-पान की आदतें
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती उम्र में अत्यधिक चीनी का सेवन इंसुलिन प्रतिरोध, रक्त शर्करा बढ़ने और शरीर में सूजन जैसी स्थितियों से जुड़ सकता है। ये समस्याएं मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं के बीच बनने वाले महत्वपूर्ण संपर्कों के विकास को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं, कम चीनी वाला आहार आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के जोखिम को भी कम करने में सहायक हो सकता है, जो मस्तिष्क स्वास्थ्य और डिमेंशिया के खतरे से जुड़े महत्वपूर्ण कारक हैं।
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अध्ययन में यह भी संकेत मिला कि जिन बच्चों को शुरुआत में कम मीठा दिया जाता है, वे बड़े होने पर अत्यधिक मीठे और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की ओर कम आकर्षित होते हैं। विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं और माता-पिता को संतुलित आहार पर ध्यान देने की सलाह दी है।




