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ईरान ने जब्त की अमेरिकी मानवरहित सबमरीन, पेंटागन ने दी सफाई; तनाव बढ़ा

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज में अमेरिकी मानवरहित सबमरीन जब्त करने का दावा किया, जबकि पेंटागन ने इसे तकनीकी खराबी बताया।

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Tehran, Iran: रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर अमेरिकी नौसेना की एक अत्याधुनिक मानवरहित पनडुब्बी (अंडरवाटर ड्रोन) को अपने कब्जे में ले लिया है।

होर्मुज में अमेरिकी ड्रोन पनडुब्बी पर दावा और पेंटागन की सफाई

 दूसरी ओर, वॉशिंगटन में पेंटागन ने ईरानी दावों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित सबमर्सिबल कोई जासूसी अभियान नहीं चला रहा था, बल्कि एक दिन पहले आई तकनीकी खराबी के चलते समुद्र में भटक गया था। ईरानी मीडिया के अनुसार, जब्त की गई सबमरीन कैलिफोर्निया की रक्षा कंपनी एंडुरिल द्वारा विकसित ‘डाइव-एलडी’ (Dive-LD) स्वायत्त अंडरवाटर वाहन है।

आईआरजीसी का दावा: आधुनिक तकनीक से लैस थी सबमरीन

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उसने अमेरिकी सेना के सबसे उन्नत, इंटेलिजेंट और बिना पायलट वाले सबमर्सिबल को रणनीतिक समुद्री मार्ग पर जाल बिछाकर पकड़ा है। ईरानी पक्ष का कहना है कि यह पनडुब्बी आधुनिक निगरानी उपकरणों और उच्च तकनीक से युक्त थी, जिसका इस्तेमाल इलाके की टोह लेने के लिए किया जा रहा था।

ईरान की इस कार्रवाई के बाद से फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस संकरे व्यापारिक जलमार्ग पर दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है।

पेंटागन और एंडुरिल का तकनीकी खराबी का तर्क

पेंटागन के प्रवक्ता ने ईरानी दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि यह मानवरहित उपकरण नियमित अभियानों के तहत सामान्य जल सर्वेक्षण कर रहा था। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह एक पुराना मॉडल था जिसमें किसी भी प्रकार का संवेदनशील डेटा, क्लासीफाइड सोनार या रडार उपकरण मौजूद नहीं था।

निर्माता कंपनी एंडुरिल ने भी अपने एक ड्रोन के नुकसान की पुष्टि की, लेकिन इसे सामान्य नुकसान बताया। कंपनी के अनुसार, डाइव-एलडी को जोखिम भरे और खतरनाक समुद्री वातावरण के लिए ही तैयार किया गया है, जहां ऐसे नुकसान की पहले से संभावना रहती है।

अमेरिका ने ईरानी एविएशन सेक्टर पर ठोके कड़े प्रतिबंध

इस समुद्री गतिरोध के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए उसके विमानन उद्योग से जुड़ी 36 संस्थाओं और व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) के अनुसार, इन संस्थाओं पर ईरानी सेना के लिए विमान कलपुर्जे जुटाने, अवैध वित्तीय लेन-देन और हथियारों के हस्तांतरण में मदद करने के गंभीर आरोप हैं।

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