Singapore: दुनिया भर में जहां आम नागरिक महंगाई और जीवनयापन के बढ़ते खर्चों से जूझ रहे हैं, वहीं सिंगापुर सरकार ने अपने प्रधानमंत्री और राजनीतिक पदाधिकारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। इस संशोधन के बाद सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना बेंचमार्क आय 60 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर (लगभग 27 करोड़ भारतीय रुपये) हो जाएगी। यह नया वेतन ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।
लॉरेंस वोंग दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले नेता
इस फैसले के साथ लॉरेंस वोंग दुनिया के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले राजनीतिक प्रमुखों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं। इससे पहले उनका सालाना पैकेज करीब 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर था। नई व्यवस्था के तहत उनकी कमाई अमेरिकी राष्ट्रपति को मिलने वाले 4 लाख डॉलर (लगभग 3.4 करोड़ रुपये) के सालाना वेतन से करीब सात गुना अधिक हो जाएगी।
सिंगापुर सरकार का तर्क है कि निजी क्षेत्र के प्रतिभाशाली लोगों को राजनीति में आकर्षित करने और शासन में भ्रष्टाचार के जोखिम को न्यूनतम रखने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन देना जरूरी है। हालांकि, आम नागरिकों के बीच इस फैसले को लेकर तीखी बहस भी शुरू हो गई है।
जॉन ली दूसरे और स्विस राष्ट्रपति तीसरे स्थान पर
वैश्विक नेताओं के सालाना वेतन के मामले में शीर्ष स्तर पर कई नाम शामिल हैं:
हांगकांग: चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली करीब 7.19 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹6 करोड़) के सालाना पैकेज के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
स्विट्जरलैंड: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति का सालाना वेतन करीब 6.06 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹5.1 करोड़) है।
ऑस्ट्रेलिया: प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को सालाना आधार पर करीब 60.7 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹3.4 करोड़) मिलते हैं।
जापान: प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा की सालाना आय करीब 4,000 लाख येन (लगभग ₹2.3 करोड़) आंकी जाती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेसिक सैलरी लगभग 1.4 लाख डॉलर (करीब 1.16 करोड़ रुपये) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आधिकारिक सालाना वेतन करीब 1.5 लाख युआन (लगभग ₹20 लाख) बताया जाता है।
इस वैश्विक सूची में कहां ठहरते हैं पीएम नरेंद्र मोदी?
दुनिया के शीर्ष नेताओं की तुलना में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूल वेतन काफी कम है। विभिन्न आधिकारिक प्रावधानों और रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के प्रधानमंत्री का सालाना वेतन करीब ₹19.2 लाख से ₹24 लाख (लगभग ₹1.66 लाख से ₹2 लाख प्रति माह) के बीच रहता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेताओं के आर्थिक मूल्यांकन में केवल बेसिक वेतन देखना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि राष्ट्राध्यक्षों को आधिकारिक आवास, सुरक्षा, यात्रा और चिकित्सा जैसी व्यापक सरकारी सुविधाएं और भत्ते भी मुहैया कराए जाते हैं।




