Patna: नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण बिहार में गंडक नदी के जलप्रवाह में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। पश्चिमी चंपारण स्थित वाल्मीकि नगर गंडक बराज पर पानी का डिस्चार्ज 26 अगस्त की दोपहर से देर रात तक लगातार बढ़ने के बाद गुरुवार तड़के अचानक तेजी से घट गया। हालांकि, सुबह होते ही डिस्चार्ज में फिर से वृद्धि के संकेत मिले हैं, जिसके चलते जल संसाधन विभाग ने तटवर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी रखा है।
आधी रात से तड़के तक 70,500 क्यूसेक घटा डिस्चार्ज
गंडक बराज पर 26 अगस्त की दोपहर 1 बजे डिस्चार्ज 1,03,800 क्यूसेक था, जो शाम 4 बजे बढ़कर 1,50,200 क्यूसेक पर पहुंच गया और रात 11 बजे तक इसी स्तर पर स्थिर रहा। इसके बाद जलप्रवाह में तेजी से गिरावट दर्ज की गई।
घंटे-दर-घंटे डिस्चार्ज की स्थिति:
रात 12:00 बजे: 1,50,200 क्यूसेक
रात 12:30 बजे: 1,42,100 क्यूसेक
रात 01:00 बजे: 1,29,000 क्यूसेक
रात 02:00 बजे: 1,04,400 क्यूसेक
तड़के 03:00 बजे: 88,300 क्यूसेक
सुबह 04:30 बजे: 79,700 क्यूसेक
मध्यरात्रि 12 बजे से सुबह 4:30 बजे के बीच यानी महज साढ़े चार घंटे में लगभग 70,500 क्यूसेक की बड़ी गिरावट आई, जिससे निचले और नदी किनारे बसे इलाकों को फौरी राहत मिली।
सुबह 6 बजे फिर बढ़कर 88,300 क्यूसेक पहुंचा पानी
सुबह 5 बजे तक डिस्चार्ज 79,700 क्यूसेक के निचले स्तर पर रहा, लेकिन 5:30 बजे यह बढ़कर 81,800 क्यूसेक और सुबह 6 बजे 88,300 क्यूसेक दर्ज किया गया। पानी के इस बढ़ते रुख से साफ है कि ऊपरी इलाकों से पानी का दबाव फिर बढ़ सकता है।
तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ सुरक्षा तंत्र पूरी तरह मुस्तैद है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में अनिश्चित मौसम को देखते हुए गंडक नदी से सटे सभी जिलों के अधिकारियों को तटबंधों की 24 घंटे निगरानी करने और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षात्मक सामग्री तैयार रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।





