रांची। JPSC और JSSC की कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले कई दिनों से आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में डुमरी विधायक एवं झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख जयराम महतो शनिवार को पुराने विधानसभा परिसर में एक दिन के निर्जला अनशन पर बैठ गये। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल पहल करने की मांग की।
राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच जयराम महतो के अनशन से आंदोलन को नया राजनीतिक समर्थन मिला है। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, ओएमआर में कथित हेराफेरी और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता जैसी शिकायतें सामने आयी हैं। छात्रों का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
लगातार आंदोलन और भूख हड़ताल के कारण कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आयी है। इसके बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बनी हुई है।
तीन प्रमुख मांगें रखीं
अनशन पर बैठने से पहले जयराम महतो ने सरकार से विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी प्रमाणित होती है, तो संबंधित परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा परीक्षा करायी जाये। साथ ही कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
उन्होंने आयोग के अधिकारियों व अन्य संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठायी। जयराम महतो ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विषय न मानकर गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
जन-आंदोलन बनाने की अपील
जयराम महतो ने मजदूरों, किसानों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और प्रोफेसरों समेत समाज के सभी वर्गों से छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार यदि छात्रों की मांगों पर जल्द पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जायेगा।





