Patna: बिहार के राजगीर स्थित ऐतिहासिक ब्रह्मकुंड का स्वरूप बदलने की तैयारी तेज हो गई है। पर्यटन विभाग करीब 49.87 करोड़ रुपये की लागत से ‘इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ ब्रह्मकुंड’ परियोजना पर काम कर रहा है। परियोजना के तहत धार्मिक स्थल की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए प्रवेश द्वार, फूड कोर्ट, एम्फीथिएटर, पर्यटक सुविधा केंद्र और कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना का करीब 32 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे अगले वर्ष सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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ब्रह्मकुंड में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के तहत ब्रह्मकुंड परिसर को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। यहां भव्य पर्यटन प्रवेश द्वार, पब्लिक प्लाजा, चौड़े और सुरक्षित पाथवे, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया और ओपन एयर एम्फीथिएटर बनाया जा रहा है। इसके अलावा वॉच टावर, थीम गेटवे प्लाजा, आधुनिक पार्किंग, पर्यटक सुविधा केंद्र, टॉयलेट ब्लॉक और लैंडस्केपिंग का भी विकास किया जा रहा है।
पुराने ढांचे का भी होगा पुनर्विकास
परियोजना के तहत पूर्व घाट और पुल के जीर्णोद्धार का काम भी किया जा रहा है। पुराने चहारदिवारी को हटाकर नए चहारदिवारी का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ब्रह्मकुंड की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए परिसर में आधुनिक पर्यटक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार
पर्यटन विभाग के अनुसार, परियोजना के अलग-अलग हिस्सों पर चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है। पर्यटक सुविधा केंद्र का करीब 85 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। पब्लिक प्लाजा का करीब 18 प्रतिशत और पुराने चहारदिवारी व तालाब के पुनर्विकास का करीब 15 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। वहीं वॉच टावर और थीम गेटवे प्लाजा का 12 प्रतिशत से अधिक काम पूरा किया जा चुका है। शेष निर्माण कार्य भी अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रहा है।
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धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
ब्रह्मकुंड राजगीर का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है। यहां मौजूद गर्म जलकुंडों को लेकर धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। मान्यता है कि इन गर्म जलकुंडों में स्नान करने से कई रोगों से राहत मिलती है। इसी वजह से हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक राजगीर पहुंचते हैं। परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर
ब्रह्मकुंड में सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की बात कही गई है। पर्यटन विभाग की योजना ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार करने की है।
विरासत के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाएं
पर्यटन विभाग के अनुसार, ब्रह्मकुंड परियोजना केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य राजगीर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को भविष्य की पर्यटन जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है। राजगीर में अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, नेचर सफारी, ग्लास ब्रिज और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं के बाद ब्रह्मकुंड का विकास भी पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक पहल है।
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सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
‘इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ ब्रह्मकुंड’ परियोजना का करीब 32 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पर्यटन विभाग के अनुसार, परियोजना को अगले वर्ष सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।





