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झारखंड में छात्र आंदोलन पर सरकार का रुख सकारात्मक, मांगें न मानने पर 10 को विधानसभा घेराव की चेतावनी

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी विभिन्न परीक्षाओं में सुधार व अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच पहली औपचारिक बातचीत शुक्रवार शाम संपन्न हुई। मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला (स्टेट हाउस) में

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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़ी विभिन्न परीक्षाओं में सुधार व अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच पहली औपचारिक बातचीत शुक्रवार शाम संपन्न हुई। मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला (स्टेट हाउस) में आयोजित इस बैठक में मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के तर्कों को गंभीरता से सुना। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने वार्ता के माहौल को सकारात्मक बताया है।
सरकार की तरफ से गठित समिति में मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका सिंह और चमरा लिंडा शामिल रहे। बैठक के दौरान जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधियों ने आयोगों के कामकाज, परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की लंबे समय से लंबित मांगों का पूरा ब्योरा पेश किया। छात्रों ने तथ्यात्मक आधार पर मंत्रियों को अवगत कराया कि वर्तमान व्यवस्था में किन खामियों के कारण युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि मंत्रियों की समिति ने अभ्यर्थियों के एक-एक बिंदु को ध्यान से सुना है। उन्होंने स्वीकार किया कि छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे विचारणीय हैं और समिति इन सभी विषयों पर गहराई से मंथन करेगी। सरकार इन मांगों और सभी तथ्यों को पूर्ण संवेदनशीलता के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखेगी ताकि उचित व व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
वहीं, वार्ता से बाहर आए छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मंत्रियों का रवैया सहानभूतिपूर्ण रहा और उन्होंने माना कि यह विषय केवल वर्तमान परीक्षार्थियों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। हालांकि, छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को 10 अगस्त तक का समय देते हुए मांग की है कि निर्धारित तिथि तक सभी प्रमुख मांगों पर ठोस व लिखित निर्णय लेकर उन्हें लागू किया जाए।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 10 अगस्त तक सरकार की ओर से कोई संतोषजनक व ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो पूर्व घोषित रणनीति के तहत झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घेराव लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण लेकिन पूरी एकजुटता और ताकत के साथ आयोजित होगा। जब तक सभी प्रमुख समस्याओं का स्थायी हल नहीं निकलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस 10-सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे।
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