New Delhi: भाजपा नेता और अभिनेत्री रुपाली गांगुली अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में की गई उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। पोस्ट पर कुछ लोगों ने उनका समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने इसकी आलोचना भी की।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक नाबालिग बच्ची प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती और उनकी तस्वीर पर चप्पल मारती दिखाई दे रही है। इसी वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए रुपाली गांगुली ने लिखा कि देश के इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति का इस तरह अपमान करना गलत है और इसके लिए कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी क्रम में उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “काश मोदी जी सच में तानाशाह होते।”
एक और पोस्ट किया री-शेयर
रुपाली गांगुली ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट भी साझा किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करने वाली नाबालिग के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अभिनेता विजय और तृषा कृष्णन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लिया गया। साझा किए गए पोस्ट में “नरेंद्र मोदी डिक्टेटर हैं” जैसी टिप्पणी पर भी तंज किया गया था।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
रुपाली गांगुली के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने उनकी टिप्पणी की आलोचना की। कुछ यूजर्स ने उनके टीवी शो ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ में निभाए गए ‘मोनिशा’ के किरदार का जिक्र करते हुए भी प्रतिक्रिया दी। वहीं कुछ लोगों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में तानाशाही जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए।
विवाद जारी
रुपाली गांगुली की टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। फिलहाल इस मामले में उनकी ओर से कोई अतिरिक्त प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





