Lohardaga news: झारखंड आंदोलनकारी महासभा की केंद्रीय समिति एवं लोहरदगा जिला समिति की संयुक्त बैठक शनिवार को लोहरदगा स्थित निरू शांति भगत के आवासीय परिसर में केंद्रीय अध्यक्ष राजू महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकार, सम्मान और लंबित मांगों को लेकर व्यापक चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष राजू महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं एक आंदोलनकारी परिवार से आते हैं, इसलिए उन्हें झारखंड आंदोलनकारियों की पीड़ा और संघर्ष को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को जेल जाने की अनिवार्यता समाप्त करते हुए सभी आंदोलनकारियों को समान रूप से सम्मान, नियोजन, पेंशन, आवास, चिकित्सा एवं अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन के मॉडल को लागू करते हुए प्रत्येक आंदोलनकारी को प्रतिमाह ₹8,000 पेंशन, एक-एक पक्का मकान, रोजगार तथा समुचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री आंदोलनकारी पुत्र होने का दायित्व निभाते हुए इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 4 अगस्त को झारखंड आंदोलन के अगुवा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि राज्य के सभी जिलों में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी।
वहीं 20 अगस्त को झारखंड आंदोलनकारी शांतिपूर्ण ढंग से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पहुंचकर 11 सूत्री मांगपत्र सौंपेंगे। बैठक को प्रधान महासचिव कयूम खान, वरीय उपाध्यक्ष किशोर किस्कू, उपाध्यक्ष निरू शांति भगत, महिला संयोजक विनीता खलखो सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित करते हुए आंदोलनकारियों के अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। बैठक में प्रधान महासचिव कयूम खान, वरीय उपाध्यक्ष किशोर किस्कू, उपाध्यक्ष निरू शांति भगत, महिला संयोजक विनीता खलखो, सीता उरांव, बालोमनी बखला, तारा मिंज, मनोज कुमार महतो (बाघमारा), सेवाराम महतो (तोपचांची), सुरेंद्र प्रसाद (पलामू), डी.एन. राम (बरवाडीह), कार्यकारणी सदस्य अमर किन्डो, इसरार अहमद, अनिल कुमार भगत, कलीम खान, विशेषण भगत, उषा रानी लकड़ा, सुशीला लकड़ा, सूरज मोहन लकड़ा सहित बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी उपस्थित थे।





