Bhagalpur: गंगा के तेज कटाव से राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध का करीब 150 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कटाव प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर कटाव रोकने के कार्य का असर जमीन पर दिखना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि कटाव रोकने के लिए जियो बैग, बोल्डर और अन्य जरूरी संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जाए। साथ ही तटबंध के दोनों सिरों पर सुरक्षा कार्य तेज करने और चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
किसी भी समय करें संपर्क
मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि तकनीकी या प्रशासनिक किसी भी समस्या की स्थिति में वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी साझा करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर रात में भी संपर्क करें, लेकिन तटबंध बचाने का कार्य किसी भी हाल में नहीं रुकना चाहिए।
गंगा की धारा तटबंध की ओर मुड़ी
मंत्री ने बताया कि फिलहाल गंगा की धारा तटबंध की ओर मुड़ गई है, जिससे चुनौती बढ़ गई है। हालांकि सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि तटबंध की सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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26 जुलाई की रात हुआ था बड़ा नुकसान
गौरतलब है कि 26 जुलाई की रात गंगा के तेज बहाव के कारण राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध का करीब 150 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से जल संसाधन विभाग जियो बैग, बोल्डर और अन्य तकनीकी उपायों के जरिए कटाव रोकने तथा तटबंध को सुरक्षित करने के कार्य में जुटा हुआ है।





