चैनपुर (गुमला): ‘सबकी योजना सबका विकास’ अभियान 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चैनपुर परिसर स्थित शहीद नायमन कुजूर पुस्तकालय में आयोजित दो दिवसीय संकुल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर संचालन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के लिए प्रज्ञा केंद्र संचालकों (वीएलई) की क्षमता को मजबूत करना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चैनपुर, डुमरी, जारी एवं रायडीह प्रखंडों के प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को पंचायतों में उपयोग होने वाले विभिन्न डिजिटल पोर्टलों के संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई तथा व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।
मुख्य प्रशिक्षक मनोज सत्यपती ने उपस्थित वीएलई को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, जीपीडीपी (GPDP) पोर्टल एवं निर्णय पोर्टल के संचालन, डेटा प्रविष्टि, तकनीकी प्रक्रियाओं तथा इनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन पोर्टलों के माध्यम से पंचायतों की विकास योजनाओं का बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को टीएमपी पोर्टल में ऑथेंटिकेशन, ऑनलाइन क्विज, प्रमाण-पत्र वितरण एवं प्रशिक्षण से जुड़ी अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का भी अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए डिजिटल प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज विभाग के बीपीएम दिलबाग कुमार, ऑपरेटर अंशु अंजली लकड़ा, नीति लकड़ा सहित चैनपुर, डुमरी, जारी एवं रायडीह प्रखंडों के कई प्रज्ञा केंद्र संचालक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने इस प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण को पंचायतों में योजनाओं के सफल और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए उपयोगी बताया।




