रांची। राजधानी रांची में आमजनों के लिए सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बहाल करने के उद्देश्य से रांची नगर निगम द्वारा एक महत्वाकांक्षी योजना पर तेज़ी से काम किया जा रहा है। इसके तहत कांके रोड स्थित राम मंदिर से शुरू होकर रातू रोड चौक, हरमू बाईपास मार्ग होते हुए धुर्वा गोलचक्कर तक के विस्तृत मार्ग को चरणबद्ध तरीके से ‘मॉडल कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस कॉरिडोर को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम की विभिन्न शाखाएं एक साथ मिलकर व्यापक अभियान चला रही हैं।
इसी सिलसिले में सोमवार, 27 जुलाई 2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में इन्फोर्समेंट शाखा, नगर निवेशक शाखा, राजस्व शाखा, हॉर्टिकल्चर शाखा एवं बाजार शाखा द्वारा बीते दो सप्ताह (14 दिनों) के दौरान चलाए गए संयुक्त अभियानों एवं कार्यवाहियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
48 भवनों को नोटिस: 7 दिनों में कागजात पेश न करने पर होगी कठोर कार्रवाई
समीक्षा बैठक के दौरान नगर निवेशक शाखा के अधिकारियों ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि मॉडल कॉरिडोर के निर्धारित मार्ग पर भवनों की वैधानिक जांच की जा रही है। अब तक विभिन्न नियमों और बाय-लॉज के उल्लंघन के आरोप में कुल 48 भवनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
19 भवन: सड़क, सेटबैक (Setback Area) अथवा गिफ़्ट डीड की अधिग्रहित भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने के दोषी पाए गए।
21 भवन: स्वीकृत नक्शे के विपरीत अवैध निर्माण एवं अनधिकृत ढांचा खड़ा करने के कारण चिन्हित किए गए।
08 भवन: आवासीय क्षेत्र की स्वीकृति लेकर उसमें अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करते पाए गए।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निर्देश दिया कि संबंधित भवन स्वामी निर्धारित समयावधि के भीतर अपने सभी वैधानिक दस्तावेज़ निगम के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट ताकीद की कि अगले 7 दिनों के भीतर ‘झारखंड भवन उपविधि’ (Jharkhand Building Bye-laws) का उल्लंघन करने वाले भवनों पर नियमानुसार सख्त व कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फुटपाथ पर अवैध रूप से लगे 52 यूनिपोल व होर्डिंग्स पर नोटिस चस्पा
बाजार शाखा द्वारा बैठक में जानकारी दी गई कि पैदल यात्रियों के रास्ते (फुटपाथ व पाथवे) पर अवैध रूप से स्थापित 52 मोनोपोल, यूनिपोल और विज्ञापनी होर्डिंग्स को चिन्हित कर उन पर नोटिस चस्पा किया गया है। निगम प्रशासन ने साफ किया कि फुटपाथ पर अनाधिकृत रूप से लगाए गए ये विज्ञापन पट्ट न केवल पैदल चलने वालों के आवागमन में बाधा डालते हैं, बल्कि आंधी-तूफान या दुर्घटना की स्थिति में आम जनता के जीवन और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए नगर निगम ने कहा कि सड़क किनारे लगे ऐसे तमाम विज्ञापन बोर्ड जो यातायात सुरक्षा में बाधक हैं, उन्हें हटाना स्थानीय प्राधिकरण की संवैधानिक जिम्मेदारी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21 के तहत देश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और निर्बाध रूप से पैदल चलने का मौलिक अधिकार प्राप्त है, और सुरक्षित फुटपाथ इस अधिकार का अभिन्न अंग है। निगम ने अवैध होर्डिंग मालिकों को 3 दिनों का अल्टीमेटम दिया है कि वे स्वयं इन्हें हटा लें; अन्यथा मियाद पूरी होने पर निगम विशेष अभियान चलाकर इन्हें ज़ब्त करेगा और हटाने में आया पूरा खर्च संबंधित भू-स्वामियों/विज्ञापन एजेंसियों से वसूलेगा।
340 व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना ट्रेड लाइसेंस के मिले, सीलिंग की चेतावनी
राजस्व शाखा की समीक्षा में खुलासा हुआ कि मॉडल कॉरिडोर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 340 दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना वैध ट्रेड लाइसेंस (Trade License) के संचालित पाए गए। इन सभी प्रतिष्ठानों को तत्काल नोटिस जारी कर अविलंब लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। नगर आयुक्त ने राजस्व शाखा को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के चल रही दुकानों व व्यावसायिक परिसरों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग (Sealing) की कार्रवाई अमल में लाई जाए।
शहरी सुंदरता और नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि: नगर आयुक्त
बैठक को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने दोहराया कि मॉडल कॉरिडोर केवल सड़क चौड़ीकरण या निर्माण की सामान्य योजना नहीं है, बल्कि यह राँची के नागरिकों को एक सुरक्षित, व्यवस्थित, स्वच्छ और अतिक्रमण-मुक्त शहरी वातावरण प्रदान करने का एक दूरगामी संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भवन बाय-लॉज, ट्रेड लाइसेंस, अतिक्रमण हटाओ, फुटपाथ सुरक्षा और शहरी सौंदर्यीकरण से जुड़े नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा।
इस समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रवीन्द्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त, सहायक नगर निवेशक सहित संबंधित शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी एवं निगम कर्मी उपस्थित थे।




