Bokaro News: कक्षा में केवल प्रथम आना ही सफलता नहीं है। कल से बेहतर होना असल कामयाबी है। हर बच्चा अपने-आप में प्रतिभावान है। दूसरों से तुलना करने के बजाय आप स्वयं का बेस्ट वर्जन यानी खुद में सर्वश्रेष्ठ बनने का प्रयास करते रहें। ये बातें बोकारो के पुलिस उपाधीक्षक (नगर) राजीव रंजन ने शनिवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो की प्राइमरी इकाई के विद्यार्थियों के लिए आयोजित अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। पुरस्कृत बच्चों की उपलब्धि को उन्होंने उनके सतत परिश्रम व उनकी लगन का परिणाम बताया। श्री रंजन ने विद्यार्थियों को सदैव बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने, दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने, अनुशासित बने रहने, हमेशा सीखते रहने तथा कभी हार न मानने की प्रेरणा दी। यह भी कहा कि बच्चों की कामयाबी के पीछे उनके माता-पिता व शिक्षकों का भी परिश्रम है, अतः विद्यार्थी सदैव उनका आदर करें।
इस अवसर पर डीएसपी श्री रंजन ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार के साथ शैक्षणिक सत्र 2025-26 के कुल 309 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र और अचीवर्स बैज प्रदान कर पुरस्कृत किया। इनमें कक्षा 2 से 5वीं तक के वैसे विद्यार्थी शामिल रहे, जिन्होंने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के साथ-साथ पाठ्येत्तर गतिविधियों में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। इसके पूर्व, आरंभ में पौधा भेंटकर मुख्य अतिथि के हरित स्वागत के उपरांत मंगलदीप प्रज्ज्वलन से समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ।
*कृतज्ञता सर्वोत्तम व्यवहार : प्राचार्य डॉ. गंगवार*
इस मौके पर अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. गंगवार ने पुरस्कार पाने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत, गलतियों के बाद सुधार और उनके छोटे-छोटे प्रयासों के बड़े परिणाम पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवोदित क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए बच्चों को आगे भी लगातार इसी प्रकार बेहतरी के प्रयास जारी रखने की प्रेरणा दी। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में विद्यालय की कटिबद्धता को रेखांकित करते हुए प्राचार्य ने बच्चों से अच्छा इंसान बनने का आह्वान किया। कहा कि जीवन में सदैव नैतिक मूल्यों के साथ कृतज्ञता का भाव बनाए रखें, क्योंकि यह सबसे अच्छा व्यवहार है।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से किया मंत्रमुग्ध*
कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी मनभावन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबकी भरपूर सराहना पाई। शुरुआत में जहां छात्राओं की टोली ने सुमधुर स्वागत गान – मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम… और विद्यालय गीत – आया है नया सवेरा… प्रस्तुत किया, वहीं इसके बाद भांगड़ा नृत्य की ऊर्जावान प्रस्तुति में जीवन के उत्सव और उमंग के साथ-साथ पंजाबी लोक-संस्कृति की मनोहारी छटा बिखेरी। इस क्रम में प्राचार्य ने मुख्य अतिथि श्री रंजन को शॉल से अलंकृत कर तथा स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान से हुआ।



