[the_ad id="5983"]

मुरली मनोहर जोशी बोले- सीजेपी प्रदर्शनकारियों की चिंताएं वास्तविक, बल प्रयोग न हो

मुरली मनोहर जोशी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी आंदोलन के प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को वास्तविक बताया और बल प्रयोग से बचने की अपील की। वहीं, दिल्ली पुलिस ने एनएसए संबंधी आदेश को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया।

New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को उचित बताते हुए सरकार से उनके खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करने की अपील की है।

मुरली मनोहर जोशी ने क्या कहा?

मुरली मनोहर जोशी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर अपनी बात रखने के लिए एकत्रित हैं। उनके अनुसार, इन छात्रों की चिंताएं और सरोकार वास्तविक हैं तथा उनका समाधान सहानुभूति और दूरगामी सोच के साथ किया जाना चाहिए।

उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस पूरे मामले को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा और न ही इससे बलपूर्वक तरीके से निपटने की कोशिश की जाएगी। उनका मानना है कि छात्रों की बात को गंभीरता से सुनना और संवेदनशीलता के साथ समाधान तलाशना जरूरी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और युवतियों पर कथित बल प्रयोग की घटनाओं पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे दृश्य देखकर उन्हें अत्यंत पीड़ा हुई है। उनके मुताबिक महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग भारतीय समाज को विकसित भारत के लक्ष्य से काफी दूर ले जाएगा।

दिल्ली पुलिस ने एनएसए पर क्या कहा?

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि राष्ट्रीय राजधानी में पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया आदेश नहीं है, बल्कि वर्षों से लागू एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का नियमित नवीनीकरण है।

आदेश में क्या प्रावधान है?

गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) ने 15 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए), 1980 की धारा 3(3) के तहत एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत 19 जुलाई, 2026 से 18 अक्टूबर, 2026 तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को एनएसए के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया है।

इस अवधि के दौरान दिल्ली पुलिस आयुक्त, एनएसए की धारा 3(2) के तहत उन व्यक्तियों के खिलाफ निवारक हिरासत (प्रिवेंटिव डिटेंशन) के आदेश जारी कर सकते हैं, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में हिरासत में लेना आवश्यक समझा जाए।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि इस आदेश को किसी नई व्यवस्था के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अधिकारियों के अनुसार, यह लंबे समय से लागू मानक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका हर तीन महीने में नियमित रूप से नवीनीकरण किया जाता है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *