रांची: राज्य के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। झारखंड मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में “डिजिटल झारखंड विजन 2029”, “चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म” और राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए।
3 वर्षों में सभी पंचायतों को 5G कनेक्टिविटी से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने “झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड” के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपूर्ण राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मैपिंग कराई जाए। इंटरनेट के ‘शैडो क्षेत्रों’ (जहाँ नेटवर्क अनुपलब्ध या अत्यंत कमजोर है) की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से कनेक्टिविटी विस्तार की योजना तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने आगामी 3 वर्षों के भीतर राज्य की सभी पंचायतों को 5G नेटवर्क से जोड़ने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया, ताकि ग्रामीण भारत को डिजिटल क्रांति का सीधा लाभ मिल सके। इसके साथ ही भारतनेट फेज-3, कनेक्टिंग झारखंड और स्टेट वाइड नेटवर्क (JharNet 2.0) जैसी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
डेटा केंद्रीकरण, एकीकृत प्लेटफॉर्म और साइबर सुरक्षा
सुशासन में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी विभागों के डेटा को एकीकृत एवं केंद्रीकृत प्रणाली (Centralized System) में लाने पर बल दिया। बैठक में “चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म” के विकास पर चर्चा हुई, जिससे विभिन्न Portals और विभागों का समेकित आकलन किया जा सकेगा।
इसके साथ ही, राज्य के ‘स्टेट डेटा सेंटर’ को मजबूत बनाने, नियमित साइबर सुरक्षा ऑडिट कराने और अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक स्पष्टता बनाए रखने के लिए सभी विभागों में फोटोयुक्त ‘डिजिटल सक्सेशन चार्ट’ तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट करने के लिए कहा गया है।
सुरक्षा और न्यायिक प्रणाली का आधुनिकीकरण
जैप-आईटी (JAP-IT) की समीक्षा के दौरान रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी नेटवर्क, LiDAR और सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया। न्यायिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण के तहत सभी जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम स्थापित करने का सुझाव दिया गया, ताकि वादकारियों, वकीलों और न्यायाधीशों के बीच संवाद सुगम हो सके।
आईटी इकोसिस्टम और जन-कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास केवल आईटी पार्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि एक समग्र आईटी इकोसिस्टम विकसित किया जाए जिसमें स्टार्टअप, अनुसंधान, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर शामिल हों। समीक्षा के दौरान ‘मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी डिजिटल भुगतान प्रक्रिया की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव पूजा सिंघल, विशेष सचिव सुनील कुमार सिंह, आईटी निदेशक माधवी मिश्रा, जैप-आईटी के सीईओ चंदन कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।





