अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
British Columbia, Canada: माना जम्पाला ने महज 12 साल की उम्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में रहने वाली माना ने नवंबर 2025 में वोक्सा (Voxa) नाम से अपना स्टार्टअप शुरू किया। यह AI आधारित वर्चुअल रिसेप्शनिस्ट छोटे व्यवसायों के लिए फोन कॉल, अपॉइंटमेंट और ऑर्डर मैनेज करने के साथ प्रत्येक कॉल की समरी भी तैयार करता है।
Read more: कोडिंग से डेटा तक, AI स्टार्टअप्स ने पैदा किए 50+ नए अरबपति
पिता की कंपनी से मिला स्टार्टअप का विचार
माना को इस स्टार्टअप का विचार तब आया, जब वह अपने पिता के कार्यालय गईं। वहां उन्होंने देखा कि छोटी टीम ग्राहकों के काम में व्यस्त रहने के कारण कई महत्वपूर्ण फोन कॉल्स नहीं उठा पा रही थी। इससे ग्राहकों को असुविधा होती थी और कारोबार के अवसर भी छूट रहे थे। इसी समस्या का समाधान खोजने के उद्देश्य से उन्होंने वोक्सा विकसित किया।
9 साल की उम्र से शुरू की कोडिंग
माना ने केवल 9 वर्ष की उम्र में पाइथन प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर दिया था। इसके बाद उनकी रुचि प्रोग्रामिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में लगातार बढ़ती गई। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कोडिंग प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने वाले 1517 मेडिची प्रोजेक्ट से भी सहायता प्राप्त की। आज वोक्सा 24 घंटे काम करता है। यह व्यवसाय मालिकों की अनुपस्थिति में अपॉइंटमेंट तय करता है, मिस्ड कॉल्स संभालता है, ऑर्डर रिकॉर्ड करता है और हर बातचीत के बाद विस्तृत समरी उपलब्ध कराता है।
वोक्सा एजेंट्स फीचर भी किया विकसित
माना ने वोक्सा एजेंट्स नाम का एक फीचर भी तैयार किया है। इसके जरिए उपयोगकर्ता सामान्य भाषा में निर्देश देकर अपनी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड AI असिस्टेंट बना सकते हैं। डेवलपमेंट के दौरान उन्होंने चैटजीपीटी और क्लाउड जैसे AI टूल्स की मदद से प्रक्रिया को तेज किया, हालांकि सिस्टम का मुख्य हिस्सा उन्होंने स्वयं तैयार किया। उनका मानना है कि AI ने युवाओं के लिए अपने विचारों को वास्तविक उत्पाद में बदलना पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है।
कम उम्र बनी चुनौती, फिर भी नहीं मानी हार
युवा संस्थापक होने के कारण शुरुआत में कुछ ग्राहक और निवेशक उनकी उम्र देखकर हिचकिचाते थे। इसके बावजूद माना ने ऑनलाइन आउटरीच पर ध्यान दिया, अपने प्रोडक्ट को लगातार बेहतर बनाया और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी। वर्तमान में वोक्सा सैकड़ों कॉल्स सफलतापूर्वक संभाल रहा है। माना अब अपने पहले पेइंग कस्टमर्स जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। भविष्य में वह वोक्सा को स्टार्टअप एक्सेलरेटर प्रोग्राम्स से जोड़कर निवेश जुटाना और कंपनी का विस्तार करना चाहती हैं।
Read more: AI की सुनामी में उड़े खरबों डॉलर! मात्र 48 घंटे में सिलिकॉन वैली को लगा बड़ा झटका

