अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
घाघरा (गुमला): घाघरा प्रखंड के गुनिया गांव स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में चल रहे भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आपत्ति जताई है। सोमवार को ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार सुशील खाखा को लिखित आवेदन सौंपकर निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय भवन का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि निर्माण कार्य में तीन नंबर ईंट का उपयोग किया जा रहा है, जबकि सीमेंट और बालू का मिश्रण भी तय मानकों के अनुसार नहीं है। इसके अलावा निर्माण में प्रयुक्त बालू में मिट्टी की अधिक मात्रा होने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे भवन की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाले विद्यालय भवन में गुणवत्ता से समझौता करना बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो भविष्य में भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित संवेदक और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा कराने की भी मांग की है।
आवेदन सौंपने वाले ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मामले की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि विद्यालय भवन निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। अब ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिकायत के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।

