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Jamshedpur news: सोनारी दोमुहानी संगम तट स्थित महामाई बगलामुखी धाम में गुरुवार से एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। श्री पंच दशनाम जूना किन्नर अखाड़ा (झारखंड) के महामंडलेश्वर अमरजीत नंद गिरी, महंत आनंदी नंद गिरी, महंत सूरज घोष और उनके शिष्य विश्व शांति, जनकल्याण तथा देश-राज्य की समृद्धि के लिए अखंड धूनी तपस्या कर रहे हैं। यह तपस्या लगातार ढाई दिनों तक चलेगी, जिसकी पूर्णाहुति 13 जून को होगी।
महामंडलेश्वर अमरजीत नंद गिरी ने बताया कि इस कठिन साधना के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल नेतृत्व की कामना की जा रही है। साथ ही राष्ट्र और राज्य के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सौहार्द तथा आमजन के सुख-समृद्ध जीवन के लिए भी विशेष प्रार्थना की जा रही है।
उन्होंने कहा कि संत समाज ने झारखंड की औद्योगिक पहचान टाटा स्टील की निरंतर उन्नति और प्रगति का भी संकल्प लिया है। उनका मानना है कि उद्योगों की मजबूती से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचेगा।
सनातन परंपरा में पंचधुनी तपस्या को अत्यंत कठोर साधना माना जाता है। इस अनुष्ठान में साधक अपने चारों ओर चार दिशाओं में प्रज्ज्वलित अग्नि के बीच बैठकर तप करते हैं, जबकि ऊपर से पड़ने वाली सूर्य की तीव्र किरणें पांचवीं अग्नि का स्वरूप मानी जाती हैं। शरीर पर भस्म और पवित्र मिट्टी का लेप लगाकर की जाने वाली यह साधना आत्मशुद्धि, मन पर नियंत्रण और आध्यात्मिक ऊर्जा के जागरण का प्रतीक मानी जाती है।
भीषण गर्मी के बावजूद संतों को अग्नि के मध्य तपस्या करते देख श्रद्धालु आश्चर्य और श्रद्धा से भर उठे हैं। बगलामुखी धाम में बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं और संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है तथा किन्नर अखाड़े के संत पूरी निष्ठा के साथ इस विशेष अनुष्ठान को संपन्न करने में जुटे हुए हैं।

