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चाईबासा: भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड रांची के निर्देशानुसार मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के सफल संचालन को लेकर पश्चिमी सिंहभूम जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जानकारी दी गई कि 23 मई को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर अनमैप्ड मतदाताओं की सूची प्रकाशित की जा रही है। ऐसे मतदाता अपने संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ से संपर्क कर अपना मैपिंग करा सकते हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान करने तथा 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नए मतदाताओं का नाम जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
पुनरीक्षण कार्य के सफल संचालन के लिए 20 जून से 29 जून 2026 तक संबंधित कर्मियों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल पदाधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
बैठक में बताया गया कि 29 जून 2026 से मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी शुरू होगा। घर-घर गणना के आधार पर नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे जाएंगे। साथ ही एक परिवार एवं एक ही गली के मतदाताओं को यथासंभव एक ही मतदान केंद्र में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा बीएलए-1 और बीएलए-2 के साथ बैठक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में अनमैप्ड मतदाताओं की सूची पर चर्चा करते हुए मतदाताओं के बीच जागरूकता फैलाने को कहा गया।
घर-घर गणना चरण के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां देंगे। एक प्रति भरकर वापस ली जाएगी जबकि दूसरी प्रति पावती के रूप में मतदाता को दी जाएगी। मतदाता अपने पुराने विवरण की जांच भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर जाकर कर सकते हैं।
यदि किसी मतदाता का घर बंद मिलता है तो गणना प्रपत्र घर के दरवाजे के नीचे से डाल दिया जाएगा तथा उसे लेने के लिए तीन बार घर का दौरा किया जाएगा। इसी दौरान संभावित मतदाताओं से फॉर्म-6 एवं घोषणा पत्र भी प्राप्त किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए प्रतिदिन 50 गणना प्रपत्र जमा कर सकते हैं। बीएलओ ऑनलाइन अथवा बीएलए के माध्यम से प्राप्त सभी प्रपत्रों का सत्यापन करेंगे।
कार्यक्रम के तहत 5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति प्राप्त किए जाएंगे। 3 अक्टूबर 2026 तक उनका निराकरण कर 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
बैठक में नागरिकता से संबंधित प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 तक भारत में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाएगा। इसके बाद 2 दिसंबर 2004 तक जन्म लेने वालों के लिए माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। वहीं इसके बाद जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए माता-पिता दोनों का भारतीय नागरिक होना जरूरी है अथवा एक अभिभावक भारतीय नागरिक हो तथा दूसरा वैध पासपोर्ट एवं वीजा धारक विदेशी नागरिक हो और अवैध प्रवासी नहीं हो।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी मनीष कुमार ने जिले के सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, विवरण सत्यापित कराने एवं आवश्यक संशोधन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, त्रुटिरहित एवं अद्यतन मतदाता सूची स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की आधारशिला है।

